उत्तराखंड की ‘ऐपन कला’ से मनोहारी गोल्ड टी तक, इंडोनेशिया में PM मोदी ने दिखाया भारत की सांस्कृतिक विरासत का वैभव, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंडोनेशिया में डेलीगेट्स को PM मोदी ने दिए ये खास तोहफे
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की अपनी सफल तीन देशों की यात्रा पूरी कर दिल्ली लौट आए हैं। इस दौरान उन्होंने तीनों देशों के शीर्ष नेताओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए, जिनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो को पारंपरिक रेपौसे सिल्वर डेकोरेटिव प्लेट भेंट की। यह प्लेट भारतीय रजत शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे हाथ से रेपौसे और चेज़िंग तकनीक के माध्यम से तैयार किया गया है। प्लेट पर कमल की आकृति, हाथी, पेड़ और पुष्प अलंकरण भारतीय कला की समृद्ध परंपरा को दर्शाते हैं। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रपति को कश्मीरी पेपर-मैचे बाउल तथा उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला पर आधारित ‘शिव ऐपण’ भी उपहार स्वरूप भेंट किया।
इंडोनेशिया की संसद की स्पीकर पुआन महारानी को प्रधानमंत्री ने ओडिशा की पारंपरिक इकत (बांधा) सिल्क भेंट की, जो अपनी अनूठी टाई-एंड-डाई तकनीक और आकर्षक डिजाइनों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ को पीएम मोदी ने इंडियन प्रीमियम कॉफी बॉक्स उपहार में दिया, जो भारत के विभिन्न कॉफी उत्पादक क्षेत्रों की उच्च गुणवत्ता वाली कॉफी का प्रतिनिधित्व करता है।
वहीं, न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन को प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की पारंपरिक उत्तराखंडी टोपी भेंट की। यह उपहार हिमालयी राज्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और समृद्ध लोक परंपराओं का प्रतीक माना जाता है। उत्तराखंडी टोपी भेंट किए जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब साझा की जा रही हैं और लोग इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर सम्मान मिलने के रूप में देख रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के इन उपहारों ने एक बार फिर भारतीय हस्तशिल्प, लोक कला और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का संदेश दिया है।



