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वृक्षारोपण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ उद्घाटन, 25 महिलाओं को ₹25 हजार की प्रोत्साहन राशि, लोक संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का दिखा संगम

रिपोर्टर: गुड्डू सिंह ठठोला 

भीमताल (नैनीताल)। भीमताल में आयोजित ऐतिहासिक हरेला मेले का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हो गया। स्थानीय विधायक एवं प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने वृक्षारोपण और दीप प्रज्ज्वलन कर मेले का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हरेला पर्व की सांस्कृतिक और सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डाला।

मेले के दौरान ‘सुगन आखर’ समूह की 25 महिलाओं को ₹25 हजार की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। रामलीला मैदान में आयोजित मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पर्यटकों की भीड़ उमड़ी। मेले में लोक कलाकारों ने कुमाऊं की समृद्ध लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। लोकगीतों और लोकनृत्यों पर दर्शक भी झूमने को मजबूर हो गए।

करीब 100 वर्ष से अधिक पुराने इतिहास वाले भीमताल हरेला मेले का सांस्कृतिक, सामाजिक और व्यापारिक दृष्टि से विशेष महत्व है। यह मेला न केवल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी सशक्त संदेश देता है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि राज्य सरकार भीमताल के ऐतिहासिक हरेला मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिलाने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही इस मेले को राजकीय मेला घोषित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान और संरक्षण मिलेगा।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के मेले केवल उत्सव नहीं बल्कि हमारी लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक धरोहर के संवाहक हैं। ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति से जुड़ी रहें।

इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष देवेंद्र चुनौतिया, सभासद सीमा टम्टा, निरंजन रेकुनी, शुभम नैनवाल, उमेश पाठक, उमेश चंदोला, रामपाल सिंह गंगोला, विमला आर्या, शिप्रा जोशी, मंडल अध्यक्ष पंकज जोशी, मनोज भट्ट, प्रधान पंकज उप्रेती, नितिन राणा, रवि कुमार, गौतम कुमार, नितेश बिष्ट, प्रदीप पाठक, राजेंद्र चुनौतिया, ग्राम प्रधान हेमा दुमका, आशा उप्रेती, प्रेमा लोहनी तथा उद्घोषक हेमत सिंह बिष्ट सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

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