सवालों के जवाब न मिलने पर सभासद धरने पर बैठे, नारेबाजी के बीच बैठक बनी हंगामे का अखाड़ा
रिपोर्ट: गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। नैनीताल नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक शनिवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। लंबे समय बाद आयोजित इस बैठक में शुरुआत से ही सभासदों और पालिका प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सभासदों ने नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल और अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा से विभिन्न मामलों पर जवाब मांगे, लेकिन आरोप है कि किसी भी सवाल का संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। इससे नाराज सभासद बैठक के दौरान फर्श पर बैठ गए और “जवाब दो-जवाब दो” के नारे लगाने लगे।
सभासदों का कहना था कि नगर पालिका बोर्ड की बैठक काफी समय से नहीं बुलाई गई थी, जिससे कई महत्वपूर्ण विषय लंबित पड़े हुए थे। बैठक शुरू होते ही सभासदों ने लेकब्रिज टेंडर, दोपहिया वाहनों से टोल वसूली और अन्य प्रशासनिक निर्णयों को लेकर सवाल उठाए।
सभासदों ने आरोप लगाया कि लेकब्रिज का टेंडर बिना बोर्ड की स्वीकृति के जारी कर दिया गया, जबकि ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय बोर्ड की मंजूरी के बाद ही लिए जाने चाहिए थे। इसके अलावा दोपहिया वाहनों से ₹100 टोल वसूली के निर्णय पर भी कड़ा विरोध जताया गया। सभासदों का कहना था कि जनआक्रोश बढ़ने के बाद अध्यक्ष को यह वसूली रोकनी पड़ी, जिससे नगर पालिका की पूरे उत्तराखंड में किरकिरी हुई।
सभासदों ने आरोप लगाया कि दोपहिया वाहनों से टोल वसूली का निर्णय संबंधित ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया था। उनका कहना था कि इस फैसले से नगर पालिका की छवि धूमिल हुई और जनता में भी भारी नाराजगी देखने को मिली।
बैठक के दौरान जब बार-बार सवाल पूछने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला तो सभासदों ने विरोध तेज कर दिया। हंगामे के बीच कई सभासद फर्श पर बैठ गए और जवाब देने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सभासदों ने नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल से इस्तीफे की मांग भी उठा दी।
बैठक के दौरान नगर पालिका प्रशासन और सभासदों के बीच काफी देर तक तीखी बहस और हंगामा चलता रहा। सभासदों का कहना था कि जब तक उनके सवालों के जवाब नहीं दिए जाते और बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता नहीं लाई जाती, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे। बोर्ड बैठक का माहौल पूरे समय तनावपूर्ण बना रहा।


