‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हल्द्वानी में हुआ पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मातृशक्ति के सम्मान और हरित भविष्य का लिया गया संकल्प
हल्द्वानी/नैनीताल। संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और मातृशक्ति के सम्मान को एक साथ जोड़ते हुए भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ जिला नैनीताल की ओर से गुरुवार को लालडॉठ स्थित शिव गौरी वेंकट हॉल परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ मातृभूमि और माँ के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का संदेश देना रहा।
प्रातः 11 बजे आयोजित कार्यक्रम में भाजपा उत्तराखंड सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रमुख कौस्तुभानंद जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक जितेंद्र मेहता, जिला संयोजक देवेंद्र सिंह बिष्ट तथा सहसंयोजक कैलाश चंद्र जोशी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि कौस्तुभानंद जोशी और प्रदेश संयोजक जितेंद्र मेहता ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि अपनी माँ और मातृभूमि के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का एक पवित्र प्रयास है।
वक्ताओं ने उपस्थित लोगों, विशेषकर युवाओं से आह्वान किया कि वे इस अभियान से जुड़कर अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।
कार्यक्रम में श्रीमती प्रियंका जोशी, किशोर जोशी, प्रशांत वर्मा, श्याम सिंह शाही, क्षेत्रीय पार्षद चंदन सिंह मेहता, श्रुति गोलवलकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन देशभक्ति और सेवा भाव से ओतप्रोत वातावरण में “जय श्री राम” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष के साथ हुआ।
आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, मातृशक्ति के सम्मान और सामाजिक सहभागिता का सशक्त संदेश दिया गया।


