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बागजाला समेत सभी वन भूमि निवासियों को भूमिधरी अधिकार देने की मांग, किसान महासभा का हल्द्वानी में धरना, आंदोलन की चेतावनी

मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, सरकार पर भेदभाव का आरोप; पेयजल, सड़क और मूलभूत सुविधाओं की मांग भी उठी

हल्द्वानी। बागजाला समेत वन भूमि पर बसे सभी गांवों के निवासियों को भूमिधरी (मालिकाना) अधिकार दिए जाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा ने शनिवार को हल्द्वानी के बुधपार्क में धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और किसान संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा।
धरने के दौरान किसान महासभा और बागजाला क्षेत्र के ग्रामीणों ने राज्य सरकार के हालिया मंत्रिमंडल प्रस्ताव पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकार ने बिंदुखत्ता, बापूग्राम (ऋषिकेश) और बग्गा चौवन क्षेत्र के निवासियों को भूमिधरी अधिकार देने की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन बागजाला समेत अन्य वन भूमि पर बसे गांवों को इससे बाहर रखा गया है। प्रदर्शनकारियों ने इसे भेदभावपूर्ण निर्णय बताते हुए सभी वन भूमि निवासियों के साथ समान व्यवहार की मांग की।
किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने कहा कि बागजाला, सुल्ताननगरी, दानी बंगर, प्रतापपुर, मानपुर सहित अन्य वन भूमि पर बसे गांवों को भी तत्काल राजस्व गांव घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आज भी भूमि का मालिकाना अधिकार नहीं मिल सका है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ भी नहीं मिल पाता।
समिति की उपाध्यक्ष विमला देवी ने सरकार से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करते हुए कहा कि सभी वन भूमि निवासियों के लिए निर्वनीकरण का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए, ताकि उन्हें स्थायी रूप से भूमिधरी अधिकार मिल सकें। उनका कहना था कि यह केवल भूमि का नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य और सम्मान का प्रश्न है।
धरने के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बागजाला में लंबे समय से रुकी हुई जल जीवन मिशन की पेयजल योजना को शीघ्र पूरा करने, जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने तथा बरसाती नहर के किनारे पक्के रास्ते का निर्माण कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
धरना-प्रदर्शन के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। किसान महासभा ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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