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नैनीताल। डीएसबी परिसर के वनस्पति विज्ञान विभाग में ‘मिशन ग्रीन’ अभियान के तहत विभिन्न प्रजातियों के पर्यावरण एवं धार्मिक महत्व वाले पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान वुड ऑफ गॉड कहे जाने वाले देवदार, धार्मिक आस्था से जुड़े पदम, हिमालयी पारिस्थितिकी के लिए महत्वपूर्ण बांज (ओक) तथा उत्तराखंड के राज्य वृक्ष बुरांश के पौधे लगाए गए।

कार्यक्रम में पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व डीन प्रो. उमा मल्कानिया, गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय पर्यावरण संस्थान, श्रीनगर गढ़वाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर, अल्मोड़ा वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. धनी आर्य, काशीपुर महाविद्यालय की डॉ. स्नेहलता तथा डीएसबी परिसर की प्राचार्य प्रो. रीता सचान ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि प्रकृति हम सभी की मां है और वही जीवनदायिनी है। प्रकृति का संरक्षण करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट के दौर में अधिक से अधिक पौधारोपण और उनका संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने कहा कि पौधे लगाना जीवन का सबसे सकारात्मक कार्य है। पौधे ही धरती पर जीवन के आधार हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करते हैं।

वहीं डॉ. धनी आर्य ने कहा कि प्रकृति के प्रति हमारी सच्ची निष्ठा तभी सिद्ध होगी, जब हम अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल भी करें।

कार्यक्रम में प्रो. आशीष तिवारी, प्रो. सुषमा टम्टा, प्रो. नीलू, डॉ. नवीन पांडे, हरीश राणा, दीप्ति डे, वसुंधरा, लता, शीतल, मधुसूदन, मोहित खाती, लीला सहित विभाग के शिक्षक, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राओं ने भी पौधारोपण कर मिशन ग्रीन अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया।

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