प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर वादाखिलाफी का आरोप, सड़क निर्माण में देरी से नाराज ग्रामीण बोले—अब नहीं मिला समाधान तो पूरे विधानसभा क्षेत्र में चलाएंगे अभियान
नैनीताल। नैनीताल के समीपवर्ती घूघ्घूखान–सौड़ से हरियाल, महरोड़ा और धनियाखान को जोड़ने वाले प्रस्तावित सड़क मार्ग के निर्माण में लगातार हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है।
लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आगामी चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क केवल हरियाल, महरोड़ा और धनियाखान ही नहीं, बल्कि तूनिया और लदवासी जैसे गांवों के लिए भी जीवनरेखा साबित होगी। इसके बावजूद वर्षों से मांग लंबित है और अब तक धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में कुमाऊँ कमिश्नर से भी वार्ता की गई थी। इसके बाद 7 अप्रैल 2026 को संबंधित ठेकेदार उद्यान कुमार को तीन माह के भीतर सड़क निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले।
ग्रामीणों ने बताया कि 26 अक्टूबर 2025 को उन्होंने क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्या को भी सड़क निर्माण की आवश्यकता से अवगत कराया था, लेकिन उनके स्तर पर भी कोई प्रभावी पहल नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद विधायक ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया, जिससे लोगों में गहरी नाराजगी है।
ग्रामीण निवासी पंकज बिष्ट ने कहा कि वर्षों से सड़क की मांग की जा रही है, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। उन्होंने बताया कि गांव के अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर हैं। बरसात के दौरान आवागमन बेहद कठिन हो जाता है और मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए करीब चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इससे खेती की उपज को बाजार तक पहुंचाने में भारी दिक्कत होती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
वहीं ग्रामीण हरेंद्र ने कहा कि चुनाव के समय सभी नेता गांवों में वोट मांगने आते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई भी ग्रामीणों की समस्याओं की सुध नहीं लेता। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में केवल भाजपा नेता हेम आर्य ही गांव पहुंचे, जिन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उन्हें उच्च स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में स्वास्थ्य सेवाएं भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है, जिससे जान का खतरा बना रहता है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह क्षेत्र पर्यटन की अपार संभावनाएं रखता है, लेकिन सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नहीं होने से विकास पूरी तरह बाधित है। रोजगार के अवसर न मिलने और आधारभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि सरकार एक ओर पलायन रोकने की बात करती है, जबकि दूसरी ओर गांवों तक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल साबित हो रही है।
ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो आगामी चुनावों में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही वर्तमान विधायक के खिलाफ पूरे विधानसभा क्षेत्र में जनजागरण अभियान चलाकर जनता को क्षेत्र की उपेक्षा से अवगत कराया जाएगा।
उनका कहना है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण का कार्य धरातल पर दिखाई देना चाहिए।


