रानीबाग में सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी, कुमाऊंनी ढोल-नगाड़ों के साथ आंदोलनकारियों ने उठाई आवाज
हल्द्वानी। रानीबाग स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व की जिया रानी की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। रविवार को पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु ने अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन में भाग लिया।
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने माता जिया रानी के जयकारों और कुमाऊंनी ढोल-नगाड़ों के साथ पैदल मार्च किया। इस दौरान सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जिया रानी की भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़ी इस भूमि का संरक्षण सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हरीश पनेरु ने कहा कि जिया रानी की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए सरकार को समय रहते ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस मामले को लेकर आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्रवासियों और आंदोलनकारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
हरीश पनेरु ने भाजपा सरकार और प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जिया रानी की भूमि की तत्काल जांच कराकर उसे अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर इसे उग्र रूप दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिया रानी की भूमि केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि कुमाऊं की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। ऐसे स्थानों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आवश्यक है।
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने सरकार से स्पष्ट मांग की कि रानीबाग स्थित जिया रानी की भूमि को चिन्हित कर अवैध अतिक्रमण हटाया जाए और भूमि की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



