ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

सांसद अजय भट्ट ने किया शुभारंभ, युवाओं से अपनी जड़ों और लोक परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान; छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

हल्द्वानी। देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, लोक कलाओं और पारंपरिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सांस्कृतिक प्रकोष्ठ उत्तराखंड की ओर से ‘झोड़ा उत्सव’ का भव्य शुभारंभ हल्द्वानी से हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने किया। इस अवसर पर उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति, लोकगीतों और लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक जितेंद्र मेहता ने की। मंच संचालन प्रदेश सह-संयोजक विनोद भट्ट एवं जिला सह-संयोजक प्रियंका जोशी ने संयुक्त रूप से किया।

संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर जोर

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल यहां के प्राकृतिक सौंदर्य से नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध लोक संस्कृति, रीति-रिवाजों, लोकगीतों, लोकनृत्यों और परंपराओं से भी है। आधुनिकता के दौर में इन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।

मुख्य वक्ता भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी कौस्तुभ जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते दौर में जीवनशैली भले ही तेजी से बदल रही हो, लेकिन युवाओं को अपनी जड़ों, लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘झोड़ा उत्सव’ जैसे आयोजन नई पीढ़ी को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

दो माह तक 19 जिलों में आयोजित होगा उत्सव

सांस्कृतिक प्रकोष्ठ उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने बताया कि ‘झोड़ा उत्सव’ का आगाज हल्द्वानी से किया गया है और आगामी दो माह तक प्रदेश के सभी 19 संगठनात्मक जिलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक कलाओं और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जाएगा।

प्रकोष्ठ का उद्देश्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश की लोक परंपराओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।

छात्र-छात्राओं ने दी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

उत्सव के दौरान विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक लोकगीतों और लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों में उत्तराखंड की संस्कृति और पहाड़ी जीवन की झलक देखने को मिली। प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को उत्तराखंडी रंग में रंग दिया और दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मेयर गजराज बिष्ट, साकेत अग्रवाल, हुकूम सिंह कुंवर सहित कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा योगदान

‘झोड़ा उत्सव’ के सफल आयोजन में जिला संयोजक देवेंद्र बिष्ट, कैलाश चंद्र जोशी, संदीप सिंह भोज, किशोर जोशी, कमल पांडे, चंदन किरोला तथा पार्षद चंदन मेहता सहित सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।

आयोजकों ने कहा कि आने वाले दो महीनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में होने वाले कार्यक्रमों के जरिए उत्तराखंड की लोक संस्कृति को व्यापक मंच देने का प्रयास किया जाएगा, ताकि झोड़ा सहित प्रदेश की अन्य पारंपरिक विधाएं आने वाली पीढ़ियों तक जीवंत रूप में पहुंच सकें।

यह भी पढ़ें :  रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में आरती जोशी को मिली पीएचडी की उपाधि, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया सम्मानित

You missed

error: Content is protected !!