ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

नैनीताल। नैनीताल पुलिस परिवार के लिए गर्व का क्षण तब सामने आया जब परिवहन शाखा में तैनात कांस्टेबल चंद्रशेखर गैतोड़ी की प्रेरणा और मार्गदर्शन से उनके साले अनुज पंत ने देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर क्षेत्र और पुलिस विभाग का नाम रोशन किया।

जनपद चंपावत के ग्राम झूलापे निवासी 23 वर्षीय अनुज पंत, पुत्र गणेश चंद्र पंत, ने अपनी प्रारंभिक एवं स्कूली शिक्षा गाजियाबाद से प्राप्त की। उनके पिता एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता एक निजी विद्यालय में शिक्षिका हैं। परिवार में सबसे छोटे अनुज ने बचपन से ही प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देखा था और उसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने कठिन परिश्रम एवं निरंतर अध्ययन जारी रखा।

इस यात्रा में उनके जीजा कांस्टेबल चंद्रशेखर गैतोड़ी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस सेवा की व्यस्त जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने अनुज को अपने साथ रखकर न केवल पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया, बल्कि अनुशासन, समय प्रबंधन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन भी दिया।

कड़ी मेहनत और सही दिशा-निर्देशन का परिणाम यह रहा कि अनुज पंत ने वर्ष 2025 में प्रतिष्ठित IPS परीक्षा में सफलता प्राप्त की। इसके बाद वर्ष 2026 में उन्होंने IAS अधिकारी बनने की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर अपने परिवार, क्षेत्र और शुभचिंतकों का गौरव बढ़ाया।

अनुज की सफलता को नैनीताल पुलिस परिवार ने अपनी उपलब्धि के रूप में देखा है। पुलिस विभाग का मानना है कि कांस्टेबल चंद्रशेखर गैतोड़ी ने यह साबित किया है कि एक पुलिसकर्मी केवल कानून व्यवस्था का प्रहरी ही नहीं, बल्कि समाज और परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हो सकता है।

इस विशेष उपलब्धि के अवसर पर अनुज पंत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान एसएसपी ने उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं, । वहीं एसपी संचार नैनीताल रेवाधर मठपाल ने भी अनुज को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।

नैनीताल पुलिस ने इस अवसर पर कहा कि “यह हमारे आन-बान-शान हैं, नैनीताल पुलिस की शान हैं।” अनुज पंत की सफलता और कांस्टेबल चंद्रशेखर गैतोड़ी का समर्पण आने वाली पीढ़ियों को मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के महत्व का संदेश देता है।

यह भी पढ़ें :  कुमाऊं विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. डीएस भाकुनी का निधन, शिक्षा जगत में शोक

You missed

error: Content is protected !!