जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए घोषित किया एक दिवसीय अवकाश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
नैनीताल। जिले में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना और मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ललित मोहन रयाल ने 14 अगस्त, शुक्रवार को जिले के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है।
जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार जनपद नैनीताल के समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक की कक्षाएं 14 अगस्त को संचालित नहीं होंगी। इसके साथ ही जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे।
भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका
भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट के अनुसार जिले में 14 अगस्त को भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। लगातार बारिश की स्थिति में नदियों, नालों और गधेरों में जलस्तर बढ़ने तथा तेज जलप्रवाह की आशंका जताई गई है।
वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में स्कूली बच्चों को आवागमन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी या अप्रिय घटना का सामना न करना पड़े, इसे देखते हुए प्रशासन ने एक दिन का अवकाश घोषित किया है।
शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को भी अवकाश
जिलाधिकारी के आदेश के तहत विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, शिक्षक एवं कार्यालय स्टाफ के लिए भी 14 अगस्त को अवकाश अनुमन्य रहेगा।
हालांकि आदेश में नैनीताल शहर क्षेत्र में संचालित उन आवासीय शिक्षण संस्थानों एवं विद्यालयों को छूट दी गई है, जहां छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हैं।
आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी संबंधित विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश संबंधी आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले संबंधित संस्थान या जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
जिला प्रशासन ने मौसम की संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए आमजन से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से विशेष रूप से नदी-नालों, गधेरों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अन्य जोखिम वाले स्थानों पर अनावश्यक आवागमन से बचने को कहा है।
प्रशासन का कहना है कि खराब मौसम के दौरान किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचें और मौसम संबंधी चेतावनियों तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया यह निर्णय जिले में संभावित आपदा के दौरान जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



