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सीमांकन और बंदोबस्ती की प्रक्रिया तेज, पात्र क्षेत्रवासियों के भू-अधिकारों से जुड़े अभिलेख तैयार; ग्रामीणों ने सीएम धामी और डीएम ललित मोहन रयाल का जताया आभार

हल्द्वानी। दमुवाढूंगा क्षेत्र के लंबे समय से लंबित भूमि संबंधी अधिकारों के मामले में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। क्षेत्रवासियों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिलाने की दिशा में शासन के निर्देशों के तहत सीमांकन, सर्वे और बंदोबस्ती की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ड्रोन के माध्यम से क्षेत्र का डिजिटल सर्वे पूरा कर लिया है और सर्वे के आधार पर आवश्यक स्थानों पर पीलर भी स्थापित किए गए हैं।

राजस्व प्रशासन की ओर से सर्वे और अभिलेखों से संबंधित आवश्यक कार्यवाही पूरी कर ली गई है। अब पात्र क्षेत्रवासियों के भू-अधिकारों और हिस्सेदारी से जुड़े रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

पात्र लोगों के भू-अधिकारों के अभिलेख होंगे तैयार

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि दमुवाढूंगा क्षेत्र में निवासरत पात्र लोगों के अधिकारों एवं हिस्सेदारी से संबंधित अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत पात्र क्षेत्रवासियों को उनकी भूमि से जुड़े अधिकारों के दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

प्रशासन का उद्देश्य पात्र लोगों के भूमि संबंधी रिकॉर्ड को व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप से तैयार करना है, ताकि भविष्य में उन्हें अपनी भूमि से जुड़े अधिकारों को प्रमाणित करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ड्रोन से डिजिटल बंदोबस्ती, तकनीक से पारदर्शिता पर जोर

दमुवाढूंगा में सीमांकन और बंदोबस्ती की प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। ड्रोन के माध्यम से पूरे क्षेत्र का सर्वे कर डिजिटल डाटा एवं अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं।

प्रशासन के अनुसार डिजिटल सर्वे से क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का बेहतर आकलन करने में मदद मिलेगी। साथ ही सीमांकन एवं भूमि रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने में भी यह तकनीक उपयोगी साबित होगी।

सर्वे के दौरान आवश्यक स्थानों पर पीलर स्थापित किए गए हैं। इससे क्षेत्र के सीमांकन को भी स्पष्ट स्वरूप देने में मदद मिलेगी।

वर्षों से मालिकाना हक की मांग कर रहे थे क्षेत्रवासी

दमुवाढूंगा क्षेत्र के लोग लंबे समय से अपनी भूमि के मालिकाना हक की मांग को लेकर प्रयासरत रहे हैं। भूमि अधिकारों से जुड़े इस मामले में सरकार द्वारा प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने के बाद क्षेत्रवासियों में उम्मीद और खुशी का माहौल है।

इसी क्रम में दमुवाढूंगा के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल से मुलाकात की। ग्रामीणों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि मालिकाना हक की दिशा में प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई से उन्हें अपने भूमि अधिकार मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि भूमि संबंधी मालिकाना हक की प्रक्रिया को जल्द पूरा कर पात्र लोगों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।

डीएम ने दिया नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि पात्र लोगों के भू-अधिकारों से संबंधित अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया नियमानुसार और तेजी से पूरी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सर्वे, सीमांकन और अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र क्षेत्रवासियों को उनकी भूमि से जुड़े अधिकारों के दस्तावेज उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।

दमुवाढूंगा में ड्रोन तकनीक से डिजिटल सर्वे और बंदोबस्ती की पहल को क्षेत्रवासियों के वर्षों पुराने भूमि अधिकारों के मामले में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

इससे न केवल भूमि रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी, बल्कि पात्र लोगों के भू-अधिकारों को दस्तावेजी रूप देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।

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