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चमोली। जिले के पिपलकोटी में निर्माणाधीन टनल में हुए दर्दनाक हादसे के बाद लापता दो मजदूरों की तलाश रविवार, 16 अगस्त को चौथे दिन भी जारी रही। 13 अगस्त की शाम हुए हादसे के बाद से एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और अन्य राहत-बचाव एजेंसियों की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। सुरंग के भीतर मलबा और पानी भरा होने के कारण बचाव दलों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, पिपलकोटी में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDCIL) की निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम लैंडस्लाइड के बाद अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी घुस गया। हादसे के वक्त सुरंग के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे। देखते ही देखते सुरंग का एक हिस्सा मलबे और पानी से भर गया, जिससे कई मजदूर अंदर फंस गए।

अब तक आठ मजदूरों की मौत

हादसे के बाद चलाए गए राहत एवं बचाव अभियान में कई मजदूरों को बाहर निकाला गया। इस दुर्घटना में अब तक 8 मजदूरों की मौत हो चुकी है। वहीं 12 घायल मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

इसके बावजूद दो मजदूर अभी भी सुरंग के अंदर लापता हैं। बचाव टीमें उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। मलबे और पानी के कारण सुरंग के अंदर पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन रेस्क्यू टीमों ने तलाश अभियान जारी रखा है।

कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं

लापता मजदूरों को खोजने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और पुलिस के जवान मौके पर तैनात हैं। इसके अलावा बचाव एवं राहत कार्य में अन्य संबंधित एजेंसियों और विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। टीमें सुरंग के अंदर मलबे को हटाने और पानी निकालने के साथ संभावित स्थानों पर मजदूरों की तलाश कर रही हैं।

रेस्क्यू अभियान की निगरानी प्रशासनिक स्तर पर भी की जा रही है। बचाव दलों का पूरा ध्यान दोनों लापता मजदूरों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है।

हादसे की वजह की होगी जांच

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने घटना की परिस्थितियों और कारणों का पता लगाने के लिए मैजिस्टीरियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि टनल में अचानक मलबा और पानी भरने की वजह क्या रही और हादसे के लिए किन परिस्थितियों को जिम्मेदार माना जाए।

मैजिस्टीरियल जांच पूरी होने के बाद हादसे के कारणों के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं पर भी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

चौथे दिन भी परिवारों की बढ़ी चिंता

हादसे के चार दिन बाद भी दो मजदूरों का पता नहीं चल पाने से उनके परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिजन रेस्क्यू टीमों की ओर से मिलने वाली हर जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं और दोनों मजदूरों के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

फिलहाल सुरंग में बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियों का कहना है कि लापता मजदूरों की तलाश के लिए उपलब्ध संसाधनों के साथ अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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