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देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास, रोजगार और युवाओं से जुड़े कई अहम फैसलों का ऐलान किया।

देहरादून के परेड मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री ने सात बड़ी घोषणाएं कीं। इनमें प्रदेश के पहले युवा आयोग की स्थापना को युवाओं के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण घोषणा माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि आयोग युवाओं की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सुनने तथा उन्हें शासन तक पहुंचाने के लिए संस्थागत मंच उपलब्ध कराएगा।
युवाओं के लिए बनेगा स्थायी मंच
उत्तराखंड में लंबे समय से रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, कौशल विकास, स्वरोजगार और पलायन जैसे मुद्दे युवाओं की प्राथमिकताओं में रहे हैं। ऐसे में युवा आयोग की स्थापना को इन विषयों पर युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
आयोग के माध्यम से युवाओं की समस्याओं और सुझावों को सरकार तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही युवा नीति, रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता से जुड़े विषयों पर युवाओं की राय को संस्थागत रूप से शामिल करने का रास्ता खुलेगा।
18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए स्वरोजगार योजना
मुख्यमंत्री ने 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू करने की भी घोषणा की। योजना का उद्देश्य युवाओं को केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित करना है।
इसके तहत आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से युवाओं को मुफ्त उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की बात कही गई है। वहीं अपना उद्यम शुरू करने वाले युवाओं को बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि तक सरकार अनुदान के रूप में देगी। इससे युवाओं को व्यवसाय शुरू करने में शुरुआती आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।
सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती गांवों के युवाओं के साथ ही पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए अतिरिक्त सहायता की घोषणाएं भी कीं। सीमांत क्षेत्रों से लगातार पलायन और रोजगार के सीमित अवसरों को देखते हुए इन घोषणाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीमावर्ती गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं को अपने गांव और क्षेत्र में ही आजीविका के साधन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। वहीं पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए विशेष सहायता से उनके अनुभव और कौशल को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की संभावना मजबूत होगी।
पहाड़ में बनेंगे तीन विशेष औद्योगिक पार्क
पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और पलायन रोकने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित करने की घोषणा की। इन पार्कों के जरिए स्थानीय संसाधनों और युवाओं की क्षमता को उद्योगों से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
सरकार की यह पहल पहाड़ों में निवेश आकर्षित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने में मददगार हो सकती है। यदि इन औद्योगिक पार्कों में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो पलायन रोकने की दिशा में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
वर्ग तीन और चार की भूमि पर काबिज लोगों को भूमिधरी अधिकार
मुख्यमंत्री ने वर्ग तीन और वर्ग चार की भूमि पर काबिज लोगों को भूमिधरी अधिकार देने की घोषणा भी की। लंबे समय से इस तरह की भूमि पर अधिकार को लेकर लोगों की मांग रही है। सरकार के इस फैसले से पात्र लोगों को भूमि संबंधी अधिकारों और भविष्य की कानूनी स्थिति में राहत मिलने की उम्मीद है।
चुनावी साल में युवाओं पर खास जोर
उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आने के बीच मुख्यमंत्री की घोषणाओं में युवाओं पर विशेष फोकस को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। युवा आयोग, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण, औद्योगिक पार्क और सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं के लिए सहायता जैसे फैसले सीधे तौर पर युवाओं की रोजगार और आर्थिक अवसरों से जुड़ी चिंताओं को संबोधित करते हैं।
खास तौर पर जेन-जी और युवा मतदाताओं के बीच रोजगार, कौशल, उद्यमिता और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे अहम हैं। ऐसे में युवा आयोग की घोषणा को सरकार और युवाओं के बीच संवाद का स्थायी तंत्र विकसित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री की घोषणाओं में रोजगार और स्वरोजगार के साथ पहाड़ों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, सीमांत क्षेत्रों को मजबूत करने और युवाओं को नीति निर्माण से जोड़ने का संदेश दिखाई देता है। अब इन घोषणाओं का वास्तविक प्रभाव इनके समयबद्ध क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर युवाओं तक लाभ पहुंचने पर निर्भर करेगा।

मुख्यमंत्री ने की ये घोषणाएं

प्रदेश में बनेगा प्रथम युवा आयोग।

चमोली, पौड़ी एवं अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित होंगे।

सीमावर्ती गांवों के युवाओं, पूर्व सैनिकों व अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना को अतिरिक्त सहायता व प्रोत्साहन।

वर्ग-तीन एवं वर्ग-चार की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा का विस्तार कर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत राज्यांश 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।

18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए शुरू होगी मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना।

प्रदेश के बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए दिए जाएंगे बाल वीरता पुरस्कार।

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