भीमताल। ओखलकांडा क्षेत्र में 14 अगस्त 2026 को हुई अत्यधिक बारिश के कारण आंगनबाड़ी केंद्र और राजकीय प्राथमिक विद्यालय पतलोट के भवन को नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है।
भवन के क्षतिग्रस्त होने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्रामीणों ने चिंता जताई है।
इस संबंध में जिलाधिकारी नैनीताल और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर क्षतिग्रस्त भवन की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया है कि अत्यधिक वर्षा के कारण आंगनबाड़ी केंद्र की नवनिर्मित चारदीवारी तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय पतलोट के भवन का एक कमरा क्षतिग्रस्त हो गया है। विद्यालय के अन्य कमरों में भी अवशेष और क्षति के कारण खतरा बना हुआ है।
हरीश पनेरू ने बताया कि विद्यालय परिसर की क्षतिग्रस्त चारदीवारी कभी भी गिर सकती है, जिससे विद्यालय में अध्ययनरत नौनिहालों और आंगनबाड़ी के बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में खतरे को देखते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।
स्थानीय स्तर पर मांग की गई है कि बच्चों की पढ़ाई और आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन में किसी प्रकार का व्यवधान न हो, इसके लिए सबसे नजदीक स्थित राजकीय महाविद्यालय पतलोट में दो कक्षा-कक्ष और एक गार्ड रूम उपलब्ध कराया जाए। इससे बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिक्षण कार्य जारी रखने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही विद्यालय परिसर में मौजूद क्षतिग्रस्त चारदीवारी और भवन के अवशेषों को तत्काल हटाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित करने की मांग की गई है, ताकि किसी संभावित हादसे को टाला जा सके।
राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु ने जिलाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त विद्यालय भवन के स्थान पर आवश्यक कक्षों का निर्माण कराने तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान किए जाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में क्षतिग्रस्त भवन और चारदीवारी के कारण किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। इसलिए प्रशासन को बिना देरी किए मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
ज्ञापन में क्षेत्र पंचायत सदस्य, विद्यालय प्रबंधन समिति तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय पल्लोट की विद्यालय प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों की ओर से भी बच्चों के लिए सुरक्षित शिक्षण व्यवस्था और क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत/पुनर्निर्माण की मांग उठाई गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय भवनों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि छोटे बच्चों की नियमित आवाजाही इन परिसरों में होती है। ऐसे में प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई किए जाने से संभावित दुर्घटना को टाला जा सकता है।










