हल्द्वानी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में शामिल लोगों के नामों पर कथित तौर पर अनावश्यक आपत्तियां लगाए जाने और पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है।
गुरुवार को कांग्रेस SIR कमेटी के चेयरमैन मनोज रावत और हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।
कांग्रेस नेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नामों पर लगाई जा रही कथित अनावश्यक आपत्तियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बिना पर्याप्त आधार के मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं, जिससे पात्र मतदाताओं के मताधिकार पर असर पड़ने की आशंका है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसके दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम केवल अनावश्यक या निराधार आपत्ति के आधार पर मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि जिन व्यक्तियों द्वारा बिना उचित आधार के मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं, उनकी जांच कराई जाए। यदि जांच में आपत्तियां निराधार पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान वास्तविक और पात्र मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा उनके नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहें, इसके लिए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने और प्रभावित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर देने की मांग की।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से SIR प्रक्रिया को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संचालित करने की मांग की। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि पात्र मतदाताओं के मताधिकार की रक्षा के लिए वह हर स्तर पर आवाज उठाएगी।










