हल्द्वानी। शहर में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति किस तरह सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों को प्रभावित कर रही है, इसकी एक तस्वीर शनिवार को हल्द्वानी के मुखानी चौराहे के पास देखने को मिली। यहां एक महिला कथित तौर पर शराब के नशे में दिखाई दी। हैरानी की बात यह रही कि महिला के साथ एक छोटा बच्चा भी मौजूद था।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक महिला की हालत ऐसी नजर आ रही थी कि वह ठीक से संभल भी नहीं पा रही थी। उसके साथ मौजूद मासूम बच्चा इस पूरे घटनाक्रम के बीच लोगों के लिए चिंता का विषय बना रहा। महिला को इस हालत में देखकर आसपास मौजूद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।
यह घटना केवल एक महिला के नशे में होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में बढ़ती नशे की समस्या और उसके परिवार तथा बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। नशे की लत जब हद से आगे बढ़ जाती है तो व्यक्ति कई बार अपने आसपास के माहौल, सामाजिक जिम्मेदारियों और यहां तक कि अपने बच्चों की सुरक्षा तक को नजरअंदाज करने लगता है।
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि ऐसे हालात में मासूम बच्चे की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन सुनिश्चित करेगा। यदि कोई अभिभावक नशे की हालत में बच्चे के साथ सार्वजनिक स्थान पर दिखाई देता है, तो यह स्थिति संबंधित परिवार के साथ-साथ समाज और जिम्मेदार विभागों के लिए भी चिंता का विषय बन जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे के आदी लोगों की पहचान कर उन्हें उपचार, परामर्श और पुनर्वास से जोड़ना भी जरूरी है। खासकर जब नशे की वजह से बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की स्थिति सामने आए, तब संवेदनशीलता के साथ हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
मुखानी चौराहे के पास सामने आई यह तस्वीर लोगों को यही सोचने पर मजबूर करती है कि नशे की गिरफ्त में आने के बाद इंसान किस हद तक अपनी जिम्मेदारियों से दूर हो सकता है। साथ ही यह घटना समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता और परिवारों को इससे बचाने के लिए ठोस प्रयासों की जरूरत को भी रेखांकित करती है।








