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भीमताल। छह जुलाई 2026 की रात भीमताल स्थित एक रेस्टोरेंट के बाहर शराब के नशे में हंगामा और मारपीट के बाद हुए जानलेवा हमले के मामले में नैनीताल पुलिस की मजबूत पैरवी के बाद अदालत ने तीन मुख्य अभियुक्तों के खिलाफ 14 दिन का न्यायिक रिमांड स्वीकृत किया है। वहीं, मामले में शामिल सह-अभियुक्त गौरांग रौतेला के खिलाफ न्यायालय ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। रिमांड स्वीकृत होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेकर जिला कारागार नैनीताल में निरुद्ध कर दिया है।

जानकारी के अनुसार 06 जुलाई 2026 की रात वादी हिमांशु रैक्वाल, निवासी राजारानी विहार, हल्द्वानी के भीमताल स्थित रेस्टोरेंट के बाहर राहुल रावत, गौरांग रौतेला, आयुष बोरा, अजय कुल्याल, गौरव कुल्याल समेत करीब 10-12 लोग शराब के नशे में हंगामा कर रहे थे। वादी द्वारा विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इसी दौरान जान से मारने की नीयत से उसके सिर पर लोहे के औजार से घातक वार किया गया।

घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी मौके से फरार हो गए। आरोप है कि इसके बावजूद आरोपियों के हौसले कम नहीं हुए और आधी रात के बाद वे अपने अन्य साथियों के साथ वैरायटी रेस्टोरेंट और अस्पताल पहुंचे।

बताया गया कि वहां आरोपियों ने वादी के मामा रमेश किरौला और उनके भाई पर दोबारा हमला कर दिया। हमले में रमेश किरौला के भाई के सिर में गंभीर चोट आई और उन्हें कई टांके लगाए गए, जबकि रमेश किरौला का कंधा फ्रैक्चर हो गया।

गंभीर रूप से घायल रमेश किरौला की हालत लगातार बिगड़ती गई। उन्हें बेहतर उपचार के लिए पहले डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय हल्द्वानी ले जाया गया। इसके बाद कृष्णा हॉस्पिटल, ठंडी सड़क, हल्द्वानी के आईसीयू में भर्ती कराया गया। हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें मैक्स अस्पताल, पटपड़गंज, दिल्ली रेफर किया गया, जहां वह अभी भी कोमा में बताए जा रहे हैं और जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

मामले की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पुलिस अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक भीमताल राजेश यादव की ओर से कोतवाली भीमताल में मुकदमा अपराध संख्या 30/2026 दर्ज किया गया। मामले में धारा 110/115/118(2)/352/351/324(2)/190(2)/190 बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।

मामले की विवेचना उपनिरीक्षक महेंद्र राज सिंह को सौंपी गई। विवेचना के दौरान पीड़ित रमेश किरौला की गंभीर चिकित्सीय स्थिति, सामने आए पुष्टिकारक साक्ष्यों और जानलेवा चोटों को देखते हुए पुलिस ने मुकदमे में धारा 109(1) बीएनएस, यानी हत्या के प्रयास की गंभीर धारा, की बढ़ोतरी की।

पहले चार आरोपी गिरफ्तार, बाद में अदालत में हुई पुनः सुनवाई

प्रकरण के शुरुआती चरण में पुलिस ने चार मुख्य अभियुक्तों राहुल रावत, गौरांग रौतेला, अजय कुल्याल और गौरव कुल्याल को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया था। हालांकि उस समय एसीजेएम नैनीताल की अदालत द्वारा धारा 110 बीएनएस के तहत रिमांड स्वीकृत नहीं किया गया और आरोपियों को जमानत मिल गई थी।

इसके बाद वादी पक्ष ने मामले की गंभीरता को लेकर माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल में रिवीजन याचिका दायर की। उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुनः सुनवाई के लिए प्रकरण को जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल के समक्ष भेजा। इसके क्रम में मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नैनीताल की अदालत में हुई।

सुनवाई के दौरान वादी पक्ष, प्रतिवादी पक्ष, विवेचक और अभियोजन पक्ष उपस्थित रहे। पुलिस की ओर से मामले में सामने आए साक्ष्यों, पीड़ित की गंभीर चिकित्सीय स्थिति और विवेचना के तथ्यों को मजबूती से न्यायालय के समक्ष रखा गया।

तीन आरोपियों को 14 दिन का रिमांड

एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के मार्गदर्शन, डीजीसी क्राइम सुशील शर्मा की मजबूत पैरवी तथा विवेचनाधिकारी एवं प्रभारी निरीक्षक भीमताल राजेश कुमार यादव की विवेचना के परिणामस्वरूप मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नैनीताल की अदालत ने तीन आरोपियों के खिलाफ 14 दिन का रिमांड स्वीकृत किया।

रिमांड के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों में—

गौरव कुल्याल उर्फ गुल्ली, निवासी जंगलिया गांव, भीमताल

राहुल सिंह रावत, निवासी भरतपुर, भीमताल

अजय कुल्याल, निवासी जंगलिया गांव, भीमताल

शामिल हैं। तीनों को विधिवत न्यायिक हिरासत में लेकर जिला कारागार नैनीताल में निरुद्ध कर दिया गया है।

वहीं, मामले के सह-अभियुक्त गौरांग रौतेला के खिलाफ न्यायालय ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ तलाश में जुटी है।

पुलिस के अनुसार प्रकरण में शामिल अन्य अभियुक्तों की तलाश भी जारी है और मामले की विवेचना अभी प्रचलित है। नैनीताल पुलिस का कहना है कि गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

नैनीताल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने और जिले में कानून का राज स्थापित करने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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