देवीधुरा में ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले 13 दिवसीय आषाढ़ी देवीधुरा बग्वाल मेले का कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा विधिवत शुभारंभ किया
चम्पावत। विश्व प्रसिद्ध मां वाराही धाम, देवीधुरा में ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले 13 दिवसीय आषाढ़ी देवीधुरा बग्वाल मेले का विधिवत शुभारंभ कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने किया।
23 अगस्त से 4 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस प्रसिद्ध मेले को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। मेले में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के साथ ही देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
मेले के शुभारंभ अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मां वाराही देवी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश एवं क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और आरोग्यता की कामना करते हुए कहा कि मां वाराही धाम उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।
यहां आयोजित होने वाला देवीधुरा बग्वाल मेला सदियों पुरानी परंपराओं, आस्था और लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
रक्षाबंधन पर होने वाली बग्वाल है मेले का मुख्य आकर्षण
देवीधुरा बग्वाल मेले की सबसे विशिष्ट पहचान रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आयोजित होने वाली ऐतिहासिक बग्वाल है। इस पारंपरिक आयोजन में चारों खामों के श्रद्धालु उत्साह और भक्तिभाव के साथ प्रतिभाग करते हैं।
बग्वाल को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवीधुरा पहुंचते हैं। इस दौरान मां वाराही के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और क्षेत्र की सदियों पुरानी लोक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
13 दिनों तक चलने वाले मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और लोक आस्थाओं से जुड़े विभिन्न आयोजन भी होंगे। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
श्रद्धा, संस्कृति और सुरक्षा का समन्वय
देवीधुरा का यह ऐतिहासिक मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ उत्तराखंड की लोक संस्कृति और सामाजिक परंपराओं का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष चंपावत आनंद सिंह अधिकारी, मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। मेले के शुभारंभ के साथ ही देवीधुरा धाम में धार्मिक उल्लास और उत्सव का वातावरण बन गया है।









