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378 संदिग्ध सिम और 361 IMEI पर नैनीताल पुलिस की डिजिटल स्ट्राइक, साइबर ठगों के नेटवर्क पर कसा शिकंजा

हल्द्वानी/नैनीताल। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए नैनीताल पुलिस ने डिजिटल स्तर पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस मुख्यालय देहरादून के स्तर पर चलाए जा रहे हॉटस्पॉट अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में साइबर अपराधियों के नेटवर्क को चिन्हित कर उनके इस्तेमाल में आने वाले मोबाइल नंबरों और डिवाइस की तकनीकी पड़ताल की जा रही है।

इसी क्रम में नैनीताल पुलिस की साइबर टीम और थाना पुलिस ने तकनीकी माध्यमों से संदिग्ध मोबाइल नंबरों और उपकरणों की जांच की। समन्वय पोर्टल के प्रतिबिम्ब के माध्यम से प्राप्त विवरण के आधार पर 378 संदिग्ध सिम कार्ड और 361 IMEI नंबर चिन्हित किए गए हैं। पुलिस ने इन नंबरों और उपकरणों का साइबर अपराध से संभावित संबंध सामने आने के बाद इनके कनेक्शन बंद कराने के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

साइबर अपराध में इस्तेमाल होने की मिली जानकारी

पुलिस के अनुसार सत्यापन और साइबर अपराध से संबंधित तकनीकी जांच के दौरान चिन्हित मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल साइबर अपराध और धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों में किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने इन नंबरों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय कराने की प्रक्रिया शुरू की है।

पुलिस का मानना है कि संदिग्ध सिम और मोबाइल उपकरणों को समय रहते नेटवर्क से अलग करने से साइबर ठगों के लिए इनका दोबारा इस्तेमाल करना मुश्किल होगा। साथ ही, इससे भविष्य में इन नंबरों के माध्यम से संभावित साइबर ठगी की घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी।

तकनीकी निगरानी से अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश

नैनीताल पुलिस की साइबर टीम, एसओजी और थाना पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। तकनीकी विश्लेषण के जरिए संदिग्ध मोबाइल नंबर, IMEI और साइबर अपराध से जुड़े डिजिटल इनपुट की जांच की जा रही है।

पुलिस का फोकस केवल साइबर ठगी की शिकायतों के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबरों और उपकरणों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय कराने पर भी है। इसी रणनीति के तहत संदिग्ध सिम और IMEI नंबरों पर कार्रवाई की जा रही है।

साइबर ठगी से बचने को पुलिस ने किया अलर्ट

नैनीताल पुलिस ने आमजन से साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक खाते से संबंधित जानकारी, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, पासवर्ड, CVV या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें।

पुलिस ने लोगों को विशेष रूप से सचेत करते हुए कहा कि साइबर अपराधी फोन कॉल, मैसेज, लिंक, फर्जी केवाईसी, बैंक अधिकारी या अन्य सरकारी/वित्तीय संस्था का कर्मचारी बनकर लोगों को अपने जाल में फंसा सकते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें।

ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

नैनीताल पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो वह बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए। इसके साथ ही संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को भी तत्काल सूचना देने की सलाह दी गई है, ताकि संदिग्ध लेनदेन को रोकने और धनराशि की सुरक्षा के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

पुलिस के मुताबिक साइबर अपराध के खिलाफ तकनीकी निगरानी

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