हल्द्वानी। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता दीपक ब्लयूटिया ने सरकार और वन विभाग के कार्यों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि राज्य के जंगल आग से राख हो गए और इधर सरकार और अधिकारी दोनों भविष्य की योजनाएं गिना रहे हैं।
जबकि इस वक्त आग से काबू पाने को विभाग के पास न तो संसाधन हैं न ही कोई ठोस प्लान। चीड़ की पिरूल को जंगलों में आग लगने की वजह बता उससे ईधन तैयार करने की बात कही जा रही है पर इस वक्त आग पर कैसे काबू करें इस पर कोई ध्यान नहीं है।
जंगली जानवरों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है वे आबादी की ओर बढ़ रहे हैं पर शासन-प्रशासन एसी कमरों में बैठ चाय-पानी का आनंद लेते हुए दूरगामी योजनाओं की जानकारी मीडिया को दे रहे हैं।
सरकार और प्रशासन को आम जनता की पानी-बिजली से संबंधित तमाम दिक्कतों से कोई सरोकार है नहीं न उन्हें इस बात की ही कोई चिंता है कि प्राकृतिक संसाधनों को कैसे बचाया जाए।
जंगलों की आग को काबू करने को लेकर कोई ठोस रणनीति अभी तक नजर नहीं आई बस एक कमरे में बैठ आग से राख हुए जंगलों का आंकडा तैयार किया जा रहा है प्रदेश के मुखिया चुनावों में मस्त हैं।
एक तरफ पर्यटक सीजन शुरू हो गया है पर पर्यटक आग के खौफ के चलते सुरम्य वादियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रदेश के हिल स्टेशनों में धुंए-आग की खबर के चलते होटल-रिसार्ट की बुकिंग कैंसल होने लगी हैं।
प्रदेश के जंगलों में फैली आग और उससे संबंधित दुर्घटनाओं की खबर पढ़-सुन पर्यटकों में खौफ छा गया है जिससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के चेहरे बुझ गए हैं। परंतु प्रदेश सरकार के पास कोई ठोस प्लान ही नहीं है।
प्रदेश में जंगलों में आग लगने का सिलसिला हमेशा से रहा है पर सरकार ने आज तक समय रहते इससे निपटने को कोई ठोस प्रबंधन तैयार नहीं किया है।














