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बुधवार की शाम तेज बारिश से बागेश्वर-कपकोट मार्ग स्थित डणूं गधेरा उफना गया

बसकूना से आने वाले गधेरे में पानी इतना तेज था कि उसने वाहनों की राह रोक दी

बागेश्वर। जिले में बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम सुहावना हो गया है। बारिश ने जहां जंगलों में लगी आग को शांत कर दिया है, वहीं वातावरण में फैले धुएं से भी लोगों को राहत मिली है। बारिश के बाद अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

करीब एक घंटे तक वाहन फंसे रहे। बागेश्वर से कपकोट जा रहे ब्लॉक प्रमुख गोविंद दानू ने इसकी सूचना कपकोट एसडीएम को दी। साथ ही बीाअरो के एई व आपदा कंट्रोल रूम को भी जानकारी दी। 

जिला मुख्यालय का बुधवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, मंगलवार को यह अधिकतम 32 और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
बुधवार की सुबह आसमान में हल्के बादल थे, हालांकि दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ हो गया। दोपहर बाद फिर मौसम ने करवट बदली। जिला मुख्यालय में करीब तीन बजे से बारिश शुरू हो गई थी, जो देर शाम तक जमकर हो गई। वहीं, कपकोट और दुग नाकुरी तहसील क्षेत्र के कई गांवों में ओलावृष्टि हुई। पुड़कूनी, झोपड़ा में भी ओले बरसे हैं।
कपकोट नगर समेत हरसीला, अनर्सा, हड़बाड़, पुरकोट, बालीघाट, रीमा, पचार समेत कई गांवों में कहीं अधिक कहीं हल्की ओलावृष्टि हुई। जिला मुख्यालय में झमाझम बारिश हुई।

कांडा और कौसानी क्षेत्र में भी जमकर बारिश हुई है। कपकोट क्षेत्र में भारी बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। बारिश होने से सबसे अधिक राहत वन विभाग को मिली है।

वनों में लगी आग को बारिश ने शांत कर दिया है। जिला मुख्यालय समेत घाटी वाले इलाकों में फैली धुंध भी कम हो गई है। वहीं, तापमान कम होने से लोगों को भी गर्मी से राहत मिली है।

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