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अल्मोड़ा में बुधवार सुबह से रुक-रुक कर बारिश जारी रही। सोमेश्वर में बादल फटने की भी सूचना है. हालांकि किसी तरह की जनहानि की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

बादल फटने से आए पानी से कुछ दुकानें और गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुए हैं. तस्वीरों में मलबे में फंसी गाड़ियों को देखा जा सकता है।

राहत लेकर आई बारिश

एक तरफ अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर में बादल फटा है तो वहीं यह बारिश लोगों के लिए राहत भी लेकर आई है, जो लंबे समय से जंगलों में लगी आग से परेशान हैं. दरअसल बागेश्वर में कई दिनों से जंगल भीषण आग की चपेट में थे. सभी को बारिश का इंतजार था. शाम को अचानक मौसम ने करवट बदली और तेज बारिश शुरू हो गई।

बिजली गिरने से सैकड़ों बकरियों की मौत

दूसरी तरफ कपकोट व गरुड़ में बारिश कहर बनकर बरस रही है. लगातार जारी जबरदस्त बारिश से नदी नाले उफना गए हैं. कपकोट में तो बारिश के साथ जबरदस्त ओले गिरने से फसल भी चौपट हो गई है।

 जंगल से बकरी चरा कर घर लौटते वक्त आकाशीय बिजली गिरने से गोगिना में 100 से ज्यादा बकरियों की मौत हो गई. बारिश अभी भी लगातार जारी है।

मुख्यालय समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में बुधवार दिन में हुई रिमझिम बारिश वन विभाग को कुछ राहत दे गई। बारिश से लगातार धधक रहे जंगलों की आग काफी हद तक बुझ गई है, लेकिन जानकार इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं।

बुधवार को नगर सहित आसपास के हिस्सों में मौसम ने करवट बदली। लोगों की सुबह हल्की बारिश के साथ हुई, लेकिन पांच मिनट की बारिश के बाद फिर से धूप खिल आई। इससे अच्छी बारिश की उम्मीद कर रहे लोगों को निराश होना पड़ा। दोपहर बाद एक बार फिर आसमान में बादलों का जमावड़ा लग गया।

इस बार रिमझिम बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। वहीं, जंगलों की आग काफी हद तक बुझ गई। बारिश होने वन विभाग ने राहत की सांस ली है। वहीं, जानकार बारिश को पर्याप्त नहीं मान रहे हैं।  लेकिन इतनी बारिश नहीं हुई है कि लंबे समय तक नमी बरकरार रहेगी। 

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