हरिद्वार सेशन कोर्ट द्वारा फाँसी की सजा को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई हुई सुनवाई, फांसी की सजा को किया उम्र कैद में तब्दील
रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में हरिद्वार सेशन कोर्ट द्वारा फाँसी की सजा को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई हुई।
सभी पक्षों को सुनने के बाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने अभियुक्त का पिछला कोई अपराधिक रिकार्ड न होने के चलते निचली अदालत के फाँसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील कर दिया है।
न्यायालय ने कहा है कि सरताज को 20 वर्षों तक कैद में रखा जाए।
आपको बता दे कि 2016 में हरिद्वार के रानीपुर में रुपये को लेकर उपजे विवाद में छोटे भाई ने चाकू से भाई और भाभी की नृशंस हत्या कर दी थी।
हत्यारोपी ने पांच वर्षीय भतीजी की हत्या की कोशिश भी की। हत्यारोपी के सिर पर खून सवार देखकर ग्रामीणों ने घर के बाहर कुंडा लगाकर उसे बंद कर दिया।
पुलिस के पहुंचने के बाद दोहरे हत्याकांड के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहाँ सुनवाई के बाद सेशन कोर्ट ने सरताज को फाँसी की सजा सुनाई थी।














