रील मामले को लेकर मंदिर परिसर में अराजकता फैलाने की कोशिश की गई तो संबंधित धाराओं में दर्ज होगा मुकदमा
हरिद्वार। युवाओं में रील बनाने के बढ़ते क्रेज के कारण धार्मिक स्थलों के संचालक भी चिंतित हो गए हैं। स्थिति यह है कि पहले श्रीगंगा सभा ने रील बनाने पर आपत्ति जताई थी।
वहीं अब मनसा देवी ट्रस्ट और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्रपुरी महाराज ने भी मंदिर परिसर में रील बनाने पर रोक लगा दी है।
सोमवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि अगर रील मामले को लेकर मंदिर परिसर में अराजकता फैलाने की कोशिश की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
धर्मनगरी में बढ़ती भीड़ के कारण शहर की सड़कें जाम की चपेट में हैं। होटल, सराय और अन्य आश्रयस्थल भी पूरी तरह बुक हैं। कनखल स्थित प्रमुख शक्तिपीठ मनसा देवी मंदिर, चंडी देवी मंदिर, दक्षिण काली और दक्ष प्रजापति मंदिर समेत अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है।
रोपवे के परिचालन को लेकर कई दिक्कतें
इन मंदिरों में दर्शन-पूजन तो चल ही रहा है, इसके अलावा एक वर्ग सिर्फ रील बनाने में ही दिलचस्पी लेता नजर आ रहा है।
रील बनाने की प्रक्रिया में जहां बढ़ती भीड़ के दौरान दर्शन पूजन के बाद ही बाहर निकलने का प्रावधान है, वहीं वीडियो बनाने वाले रुक-रुक कर अराजकता फैला रहे हैं।














