मौसम विशेषज्ञों के अनुसार करीब 20 साल पहले मई में 41.8 डिग्री तापमान सर्वाधिक रहा है।
पंतनगर कृषि विवि के मौसम जानकार डॉ. आरके सिंह ने बताया कि मई माह में इतना तापमान कभी नहीं रहा। तकरीबन 20 साल पहले मई में 41.8 डिग्री सर्वाधिक रहा था।
बताया कि सबसे ज्यादा गर्मी जेठ माह में नौतपा के समय ही रहती है। अन्य महीनों में तापमान इतना ज्यादा नहीं पहुंचता है। नौतपा काल 25 मई से शुरू हो चुका है और दो जून तक प्रभावी रहेगा।
इस दौरान सूर्य पृथ्वी के सबसे नजदीक पहुंच जाता है, जिससे धरती का तापमान बढ़ने लगता है। हालांकि पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश रहेगी, लेकिन मैदानी इलाकों में तपिश बनी रहेगी।
इधर मौसम विभाग देहरादून ने पर्वतीय जिलों में अगले पांच दिन हल्की बारिश और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
भीषण गर्मी के चलते सड़कों पर आवाजाही कम रही। लोग मुंह और सिर पर कपड़ा डालकर घरों से बाहर निकले।














