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भीमताल/ओखलकांडा। पहाड़ों की बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं किसी से छुपी नहीं है।

वहीं बरसात में  पैर फिसलने से गंभीर रूप से घायल किशन सिंह ने समय पर उपचार न मिलने से चार दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए दम तोड़ दिया।

तल्ला ओखलकांडा (ईजर) निवासी 43 वर्षीय किशन सिंह बोहरा पुत्र धरम सिंह बोरा 16 जुलाई को बारिश के दौरान फिसलने से गंभीर चोटिल हो गए थे।

जिनको परिजनों द्वारा हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में ले जाया गया।

सिर में गहरी चोट होने के चलते अगले दिन 17 जुलाई को उनको एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया गया।

जहा पर उपचार के दौरान शनिवार को उनका निधन हो गया। जिसके बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

मृतक किशन सिंह बोहरा घर के इकलौते कमाऊं सदस्य थे, उनके निधन से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है

वही मृतक अपने पीछे पत्नी बिमला देवी सहित 2 पुत्र व एक पुत्री को रोता विलखता छोड़ गया।

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