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नैनीताल। हाईकोर्ट ने आरटीआई एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता भुवन पोखरिया की सुरक्षा को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से दो दिन के भीतर जवाब पेश करने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने सरकार से पूछा है, कि याचिकाकर्ता की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। अगली सुनवाई 13 फरवरी को होगी।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जेएस रावत और सीएस रावत ने अदालत में पक्ष रखते हुए बताया कि पोखरिया और उनके परिवार पर 15 दिसंबर 2024 को जानलेवा हमला हुआ था।

उन्होंने समाजहित में खनन, दूध में मिलावट और भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामले हाईकोर्ट में उठाए थे, जिससे नाराज लोगों ने उन पर हमला किया।

इसके बाद उन्होंने एसएसपी, डीजीपी और गृह सचिव से सुरक्षा की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

शीतावकाश के कारण सुनवाई न होने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने 3 और 4 फरवरी को संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे।

याचिका में आरोप लगाया गया कि हमले के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, लेकिन बाद में एफआर लगाकर इसे झूठा बताया।

अब हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब देने को कहा है।

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