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अल्मोड़ा। फलसीमा में न्यायालय में विचाराधीन भूमि पर कब्जे की कोशिश के बाद उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।

रविवार को ग्रामीणों ने पूरे मामले में बैठक की। जनगीतों के साथ प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की।

कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जनसभा की। ‘जल जंगल ज़मीन हमारी नहीं सहेंगे धौंस तुम्हारी’ जैसे नारे लगा अंतिम दिन तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और कहा कि यह लड़ाई केवल फलसीमा की नहीं है बल्कि पूरे उत्तराखंड की है।

आरोप है कि फलसीमा में 72 नाली जमीन खरीद के दौरान आरोपी ने बुजुर्ग महिला भागीरथी देवी का फर्जी बैनामा बनाकर भूमि अपने नाम करवा ली थी। 

कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया था। दो दिन पहले कुछ लोग भूमि पर कब्जा करने पहुंच गए। इस बाबत शनिवार को दोनों पक्ष एसएसपी से मिलने पहुंच गए। एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। क

उपपा केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बैठक की। कहा कि सरकार भू माफियाओं और पूंजीपतियों को संरक्षण देकर उत्तराखंड के जल, जंगल, ज़मीन की लूट खसोट कर रही है।

जिसके खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। बाहरी लोग जबरन ग्रामीणों की भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। अगर कोई विरोध करता है तो जान से मारने की धमकी दी जाती है।

यहां विरोध प्रदर्शन में दीवान सिंह, बिशन सिंह, दीवान सिंह बिष्ट, भूपेंद बिष्ट, बलवंत बिष्ट, मनोज बिष्ट, खांसी देवी, आशा देवी, दीपा देवी आदि रहे।

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