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आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज डोर में प्रेरणादायक पुस्तकालय का शुभारंभहरीश धर्मसक्तू द्वारा 450 पुस्तकों का पुस्तकदान, बच्चों के सपनों को नई उड़ान

पिथौरागढ़/डोर। शिक्षा की अलख जगाने और गांव के बच्चों को किताबों के माध्यम से नई दिशा देने के उद्देश्य से आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज, डोर में एक अत्यंत प्रेरणादायक पुस्तकालय का उद्घाटन किया गया। यह पुस्तकालय, जिसे हरीश धर्मसक्तू द्वारा अपने निजी प्रयासों से स्थापित किया गया है, में 450 से अधिक रोचक, ज्ञानवर्धक और प्रेरक पुस्तकें शामिल हैं।

उद्घाटन के अवसर पर अपने भावनात्मक व ओजस्वी वक्तव्य में श्री धर्मसक्तू ने कहा —
“यह पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि सपनों का बीजारोपण है। जो बच्चे इन किताबों को पढ़ेंगे, वही कल समाज को एक नई दिशा देंगे।”

उन्होंने अपने संबोधन में ‘Law of Attraction’ का उदाहरण देते हुए बताया कि जैसा हम सोचते हैं, वैसा ही हमारे जीवन में घटित होता है — और किताबें हमारे सोचने का तरीका बदल सकती हैं। उन्होंने अब्दुल कलाम, कल्पना चावला, बिल गेट्स और विवेकानंद जैसे उदाहरणों से यह दर्शाया कि किताबें किसी भी साधारण व्यक्ति को असाधारण बना सकती हैं।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रामचन्द्र क्वीरियाल, गांव के सामाजिक कार्यकर्ता श्री नरेश द्विवेदी, शिक्षकगण, अभिभावक और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने श्री धर्मसक्तू के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे गांव की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

श्री धर्मसक्तू ने यह भी बताया कि आगे चलकर वे बच्चों के लिए कहानी सत्र, रचनात्मक लेखन कार्यशालाएं और बुक क्लब जैसे आयोजन भी करवाने की योजना बना रहे हैं।

यह पुस्तकालय न सिर्फ एक कमरे में सीमित है, बल्कि यह एक सोच है — कि किताबों से गांव बदले जा सकते हैं, और बच्चों के सपनों को सही दिशा देकर देश का भविष्य संवारा जा सकता है।

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