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देहरादून। भाजपा नेता रोहित नेगी की गोली मारकर हत्या करने वाले दो आरोपितों को दून पुलिस ने 36 घंटे के अंदर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से ही दून पुलिस हत्यारोपियों का पीछा कर रही थी।

पांच टीमों को मुजफ्फरनगर व नोएडा भेजा गया था। पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपित मुजफ्फनगर-मंगलौर की सीमा से निकल रहे हैं। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी।

पुलिस की गोली से घायल हुए आरोपी

जवाबी फायरिंग में मुख्य आरोपित अजहर त्यागी निवासी प्रधान पट्टी, बरला, थाना पुरकाजी, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) की दोनों टांगों व हाथ में गोली लगी, जबकि उसके साथी आयुष कुमार उर्फ सिकंदर निवासी शामली के दोनों घुटनों पर गोली लगी है। दोनों घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

फोन पर हुए झगड़े के बाद की गई भाजपा नेता की हत्या

सोमवार रात सेलाकुई के तिलवाड़ी निवासी रोहित नेगी, उसका दोस्त अभिषेक बर्तवाल, निशांत खर्कवाल, पीयूष बिष्ट, आयुष, आयुष की महिला मित्र आन्या खान व तरुण हांडा एक पार्टी में थे। यह पार्टी आन्या खान ने तरुण के बड़ोवाला स्थित घर पर उसकी इंटर्नशिप पूरी होने पर रखी थी।

इसी दौरान आन्या खान के पुराने मित्र अजहर त्यागी ने आन्या को फोन किया और अपशब्द कहने शुरू कर दिए। फोन स्पीकर पर होने के चलते अजहर की गाली-गलौच वाली बातें सबने सुनीं। इसका विरोध करते हुए रोहित नेगी ने फोन पर ही अजहर से आन्या को बेवजह परेशान करने का कारण पूछा तो आरोपित ने उसे देख लेने की धमकी दी और डीबीआइटी चौक पर देख लेने की धमकी दी।

रात करीब डेढ़ बजे अभिषेक अपनी बोलेरो लेकर डीबीआइटी चौक पर पहुंचा। बोलेरो में रोहित नेगी के अलावा उसका दोस्त अभिषेक, निशांत व पीयूष भी बैठे थे, जबकि आन्या, आयुष व तरुण पीछे दूसरी कार में आ रहे थे।

डीबीआइटी चौक पर बाइक पर दो युवक पहले ही खड़े थे, जिन्हें रोहित नेगी की बगल वाली सीट पर बैठे अभिषेक ने पहचान लिया। रोहित ने तिलवाड़ी के लिए वाहन मोड़ा तो आरोपित अजहर ने आगे के शीशे से सटाकर रोहित नेगी पर फायर झोंक दिया।

गोली रोहित नेगी के गले में लगी, उसे ग्राफिक ऐरा अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपित फरार हो गए। घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई और आरोपितों की जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी।

पुलिस ने दोनों आरोपितों के बारे में सुराग जुटाते हुए गुरुवार रात को दोनों को मुजफ्फनगर-मंगलौर सीमा पर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों को पहले गुरकुल नारसन अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें एम्स रेफर किया गया है।

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