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उत्तरकाशी सिल्कयारा सुरंग। सुरंग में फंसे श्रमिकों को योग करने, एक-दूसरे से बाउत्तराखंड की सिल्कयारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों की शारीरिक और मानसिक सेहत को दुरुस्त रखने के लिए, उन्हें व्यायाम करने और नियमित संचार बनाए रखने को कहा गया है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, सुरंग स्थल पर भेजे गए मनोचिकित्सक अभिषेक शर्मा ने श्रमिकों को 2 किलोमीटर के सीमित क्षेत्र के भीतर चलने, हल्के योगाभ्यास करने और अपना समय बिताने के साधन के रूप में आपस में बातचीत करने की सलाह दी है।बातचीत करने की सलाह।

मलबे को काटकर निकालने का अभियान शुरू

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने डॉ. अभिषेक शर्मा के हवाले से कहा कि श्रमिकों के लिए नींद बहुत महत्वपूर्ण है। अब तक वे अच्छी नींद ले रहे हैं और सोने में कोई कठिनाई नहीं आई है।

इस बीच सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के सकुशल होने का पहला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो ने उनके परिवारों की उम्मीद के साथ ही बचावकर्मियों का मनोबल भी बढ़ा दिया है। साथ ही मलबे को काटकर निकासी मार्ग से श्रमिकों को निकालने का अभियान फिर से शुरू कर दिया गया है।

दो या ढाई दिन में मिल सकती है खुशखबरी यही नहीं सुरंग के बाड़कोट-छोर पर भी दो विस्फोट किए गए और नई ड्रिलिंग करने की प्रक्रिया शुरू हुई। सड़क परिवहन और राजमार्ग सचिव अनुराग जैन ने दिल्ली में संवाददाताओं बताया कि यदि सबकुछ ठीक रहा तो क्षैतिज ड्रिलिंग का काम दो या ढाई दिन में खत्म हो जाएगा।

मंगलवार को छह इंच की पाइपलाइन के जरिए एंडोस्कोपिक फ्लैक्सी कैमरा भेजा गया जिससे श्रमिकों के सकुशल होने की जानकारी मिली। वीडियो में श्रमिक एक-दूसरे से बात करते दिखाई दिए।

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