उत्तराखंड रोडवेज का लम्बे समय से चल रहा बसों का टोटा अब खत्म होने वाला है. रोडवेज को अब 100 नई बसें मिलने वाली हैं. हाईटेक इक्युपमेंट्स से लैस इन बसों में रीजनल लेंग्वेज में पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम भी रहेगा, जो पैसेजर्स को हिन्दी, इंग्लिश ही नहीं गढ़वाली और कुमाऊंनी लेंग्वेज में जानकारी मिलेगी।
इसके साथ ही बसों में लग्जरी बसों की तरह कंफर्ट सीट, चार्जिंग प्वाइंट और स्क्रीन भी लगी मिलेगी. इन बसों को हाइली जीपीएस सिस्टम से लैस किया गया है, जिससे पर्वतीय मार्गो में इसे आसानी से ट्रैक किया जा सके.
100 नई बसों के साथ शुरुआत
रोडवेज अब पर्वतीय मार्गों के लिए पुरानी बसों को बाहर का रास्ता दिखाते हुए नई हाईटेक बसों का संचालन करेगा, जिससे पहाड़ों का सफर सुरक्षित और आसान होगा. इन बसों को पहाड़ों से जोड़ने के लिए रीजनल लेंग्वेज में यात्रियों का स्वागत किया जाएगा. इसके लिए जो पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया गया है वह पैंसेजर को लोकेशन के अनुसार अपडेट करेंगे.
ये रहेंगी सुविधा
-बीएस-6 की हाईटेक होगी बसें
-सभी चेयर के पीछे होगी स्क्रीन की सुविधा
-चार्जिंग प्वाइंट
-कंफर्ट सीट
– पैनिक बटन
– सीसीटीवी कैमरा
– जीपीएस
टेंडर प्रक्रिया पूरी, शुरू होगा संचालन
पहाड़ों में रोडवेज की पुरानी और खटारा बसों की हालत किसी से छीपी नहीं है. कई बार ये बसें रास्ते में खराब हो जाती हैं, जिसका खामियाजा अक्सर पैंसजर्स को भुगतना पड़ता है. जिसे देखते हुए रोडवेज लम्बे समय से खटारा और पुरानी हो चुकी बसों को बाहर करने की तैयारी कर चुका है. हाईटेक बसों के साथ इन बसों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा. नई और हाइटेक बसों के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. जल्द ही बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा. इसके बाद जहां रोडवेज के बेडे में बसों की संख्या बढ़ जाएगी.
मिलेगा आरामदायक सफर
रोडवेज की नई बसों के पहुंचने से पहाड़़ में सफर करने वाले पैंसेजर्स के लिए आरामदायक सफर मिलेगा. इसके साथ ही हाईटेक होने से सफर का आंनद मिलेगा. इसके साथ ही नई बसें मुख्य मार्गो में बार-बार खराब भी नहीं होगी।
पहाड़ों से जुड़ेगी भाषा
इन हाईटेक बसों में पैसेंजर्स का स्वागत स्थानीय लेंग्वेज जैसे गढ़वाली और कुमांऊनी भाषा में भी होगा. यहीं नहीं इन बसों में उत्तराखंड की स्थानीय भाषा गढ़वाली और कुमाऊंनी में तीर्थ और पर्यटन स्थलों की भी जानकारी दी जाएगी. जिसका उद्देश्य यात्रियों को सुगम और आरामदायक यात्रा मिलेगी. रोडवेज का यह पहली बार का प्रयास होगा जब उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और धरोहर को सुदृढ़ किया जाएगा. इससे राज्य के पर्यटन को भी एक नया मोड मिलेगा. 100 नई बसों में 50 बसें गढ़वाल मंडल और 50 बसें कुमाऊं मंडल के लिए चलाई जाएंगी।
कई रूटों पर बढे़गी बसों की संख्या
इन बसों के रोडवेज के बेड़े में शामिल होने से कई रूटों पर यात्रा सीजन के दौरान संचालन बंद हो जाता था. वहां संचालन बढ़ेगा इसके साथ ही कई रूटों पर यात्रा सीजन के दौरान संचालन ठप हो जाता है. वहां पर भी संचालन प्रभावित नहीं होगा. इसके साथ ही कई रूट जहां लम्बे समय से बसों की डिमांड चल रही थी वहां पर बसों की सख्या बढ़ जाएगी, जिससे पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी फायदा होगा।
बढ़ेगी रोडवेज की कमाई
नई हाईटेक बसों के शामिल होने के बाद प्रदेश की आर्थिकी को जहां बढ़ावा मिल सकेगा, वहीं लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे. नई बसों से रोडवेज की कमाई में भी काफी इजाफा होने की संभावना है. रोडवेज की बसों की हालत देखकर अक्सर लोग इसमें सफर करने से कतराते थे. जिसके कारण इसका रोडवेज की कमाई पर भी असर पड़ रहा था. इन हाईटेक बसों के आने से यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी और रोडवेज की कमाई में भी इजाफा हो सकेगा.
पुरानी बसों में ये थी शिकायत
– बसों में वाइपर भी हो गए खराब, रास्ते में परेशानी
– बसों की खिड़कियों से आता है पानी
– टायरों को रिपेयर करके होता है संचालन
– इक्यपुमेंट की खराबी बनती है परेशानी
– कई बार बसों की छतें भी टपकती हैं
– सीट के कवर भी फटे हुए हैं





