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उत्तराखंड हाई कोर्ट ने बरसात के दौरान राज्य निवार्चन आयोग के द्वारा पंचायत चुनाव को अगस्त माह के बाद कराए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की

रिपोर्ट : गुड्डू सिंह ठठोला 

नैनीताल। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने बरसात के दौरान राज्य निवार्चन आयोग के द्वारा प्रदेश के 12 जिलों कराए जा रहे पंचायत चुनाव को अगस्त माह के बाद कराए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद आज उत्तराखंड हाई कोर्ट में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक व सचिव पंचायती राज वीडियो कॉफ्रेसिंग के माध्यम से पेश हुए।

उनके द्वारा कोर्ट को अवगत कराया गया कि चुनाव व कावड़ मेला व्यवस्था के अनुरूप चल रहा है। पुलिस प्रसाशन ने कावड़ मेले को शुचारु रूप से करने के लिए प्रदेश की 30 प्रतिशत फोर्स लगा रखी है। 10 प्रतिशत चार धाम यात्रा में लगा रखी है। होने वाले चुनाव के लिए विभाग ने 10 प्रतिशत फोर्स रिजर्व रखी है।

चुनाव व कावड़ के दौरान दंगा होने पर भी विभाग ने फोर्स रिजर्व रखी है। चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया कि आयोग को चुनाव कराने में किसी तरह की दिक्कतों का सामना नही करना पड़ रहा है।

जहाँ तक कावड़ मेले का सवाल है इसमे खासकर हिमांचल, हरियाणा, पंजाब , यूपी व दिल्ली के कावड़िये आ रहे है, जिनका प्रथम जत्था चुनाव की प्रथम तिथि 23 जुलाई को समाप्त हो जाएगा। सचिव द्वारा यह भी कहा गया कि कावड़ से प्रभावित जिलों में चुनाव दूसरे फेस में है।

डीजीपी के द्वारा कोर्ट को अवगत कराया कि जिन कावड़ियों के द्वारा बीते दिनों दुकानदारों , महिलाओं व अति अधिक ध्वनि से डीजे चलाए जा रहे थे उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया गया। जिसपर कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट को कल तक पेश करें।

कोर्ट ने मामले की सुनवाई कल भी जारी रखी है।
मामले के अनुसार, देहरादून निवासी डॉक्टर बैजनाथ ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि अभी राज्य में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ कांवड़ यात्रा, चारधाम यात्रा और बरसात का सीजन भी चल रहा। प्रदेश में बाढ़ राहत के बचाव में प्रशासन, पुलिस व एसडीआरफ की टीमें लगी हुई हैं।

ऐसी स्थिति में पंचायत के चुनाव कराना खतरे से खाली नहीं है।
उन्होंने कोर्ट से प्रार्थना की है कि पंचायत चुनाव की तारीख अगस्त महीने में घोषित की जाए।

इस पर कोर्ट ने वास्तविकता जानने के लिए दोनों अधिकारियों से कोर्ट का मार्गदर्शन करने के लिए मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने को कहा था।
याचिकाकर्ता ने कहा कि वर्तमान में प्रशासन का पूरा महकमा कांवड़ यात्रा व चारधाम यात्रा में लगा हुआ है। अगर सम्भव हो तो न्यायालय पंचायत चुनाव अगस्त माह के बाद कराए जाएं।

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