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सावन महीने के साथ ही शुरू हुई कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तराखंड के देहरादून से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां कांवड़ यात्रा के लिए लगाए गए एक कांवड़ भंडारे में हाथियों ने हमला कर दिया।

गुस्साए हाथियों ने भंडारे की ट्रॉलियां पलट दीं, जिससे वहां भगदड़ मच गई।तेज़ आवाज़ से भड़के हाथीयह घटना देहरादून मार्ग पर मणि माई मंदिर के पास लगे भंडारे में हुई। बताया जा रहा है कि कांवड़ियों की ओर से तेज आवाज़ में साउंड सिस्टम बजाने और ज़्यादा शोर मचाने पर हाथी भड़क गए।

इससे गुस्साए हाथियों ने वहां खड़ी दो ट्रॉलियां पलट दीं। गनीमत रही कि हाथी भंडारे के पंडाल के अंदर नहीं घुसे, वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था और जान-माल का काफी नुकसान होता।

वन विभाग और पुलिस ने संभाली स्थितिहाथियों के हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उन्होंने फौरन भंडारे के पंडाल को खाली करवाया। उन्होंने कांवड़ियों को वन क्षेत्र में न रुकने की हिदायत भी दी।

वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने भी स्थिति को संभाला और मार्ग पर लगे ट्रैफिक जाम को नियंत्रित करते हुए वाहनों को बिना रुके आगे रवाना करवाया।

 रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार रात को एक नर और मादा हाथी अपने बच्चे के साथ मणि माई मंदिर के पीछे जंगल से सड़क पार करने के लिए जंगल के किनारे पहुंचे थे।

तभी, वहां चल रहे कांवड़ियों के भंडारे में तेज़ आवाज़ में बज रहे साउंड सिस्टम और लोगों के शोरगुल से हाथियों को गुस्सा आ गया। क्रोधित होकर हाथी चिल्लाने लगे और उन्होंने वहां खड़ी ट्रॉलियों को पलट दिया, जिसके चलते पंडाल में मौजूद कांवड़ियों में भगदड़ मच गई।

वन्यजीवों के एकांत में खलल पड़ ना जाए भारी

लच्छीवाला वन क्षेत्र में जिस जगह पर तेज साउंड सिस्टम के साथ यह भंडारा लगाया गया है। वहां पर हाथी कॉरिडोर है और हाथी जंगल में एक सिरे से निकलकर दूसरे सिरे तक जाते है।

परंतु दिन के साथ ही अब रात्रि को भी तेज आवाज व छेड़छाड़ वन्य जीवों को परेशान करती है। जिससे कि वह क्रोधित होकर कोई भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते है। जैसा कि शनिवार को देखने को मिला।

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