अल्मोड़ा। पदोन्नति समेत विभिन्न मांगों को लेकर राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहे। शिक्षकों ने सोमवार को अपने-अपने खंड शिक्षाधिकारी कार्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया।
जिले के 263 हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में पढ़ाई पूरी तरह से ठप रही। इसके चलते विद्यार्थी विद्यालयों में खाली बैठे रहे।
नगर के पास हवालबाग विकासखंड के शिक्षकों ने पीएमश्री अटल उत्कृष्ट जीजीआईसी अल्मोड़ा में धरना-प्रदर्शन किया। विधायक मनोज तिवारी ने भी मौके पर पहुंचकर शिक्षकों के आंदोलन को समर्थन दिया। विधायक तिवारी ने कहा कि शिक्षक देश के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने शिक्षकों की मांगों को शासन स्तर पर पहुंचा कर समाधान का आश्वासन दिया।
संघ के ब्लाॅक अध्यक्ष डॉ. गोविंद रावत ने शिक्षकों की पदोन्नति करने और शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग की। कहा कि शिक्षकों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान ब्लाॅक मंत्री खुशहाल सिंह महर, संरक्षक धन सिंह धौनी, जगदीश चंद्र पांडे, डॉ. दीपप्रकाश जोशी, देवेश कुमार तिवारी, पूनम भंडारी, मनोज कुमार जोशी आदि मौजूद रहे। बाद में शिक्षकों ने खंड शिक्षाधिकारी के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन भेजा।
शिक्षकों ने खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय धौलादेवी में दिया धरना
राजकीय शिक्षक संघ के धौलादेवी ब्लाॅक कार्यकारिणी ने भी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय धौलादेवी में धरना दिया। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से निदेशक माध्यमिक शिक्षा को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर जिला मंत्री राजू महरा, त्रिवेंद्र सिंह, त्रिभुवन बिष्ट, नितेश कांडपाल, सुरेंद्र गोस्वामी, मेघा मनराल, गौरव डालाकोटी, ममता मेहता आदि मौजूद रहीं।
शिक्षक बोले
शिक्षक मनोयोग से पठन-पाठन कराते आ रहे है लेकिन उन्हें पदोन्नति से वंचित किया जा रहा है। समयबद्ध शत प्रतिशत पदोन्नति दी जाए। – राजेंद्र सिंह खड़ायत, सहायक अध्यापक, राउमावि जूड़ कफून
– सरकार शिक्षकों की उपेक्षा कर रही है। चॉकडाउन हड़ताल के बाद भी सरकार ने समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जो चिंताजनक है। – अनिल पांडे, प्रवक्ता, जीआईसी खूंट
– देश का भविष्य तैयार करने वाले अध्यापकों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा। – प्रतिमा वर्मा, प्रवक्ता, जीजीआईसी अल्मोड़ा
– लॉकडाउन हड़ताल के बाद भी उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी शिक्षक आंदोलन पर अडिग रहेंगे। – नीता सिराड़ी, सहायक अध्यापिका, जीजीआईसी अल्मोड़ा
ब्लॉक मुख्यालयों में गरजे शिक्षक, शिक्षण व्यवस्था चरमराई
रानीखेत/भिकियासैंण/चौखुटिया/द्वाराहाट/भैसियाछाना। ताड़ीखेत ब्लाॅक में सोमवार को संघ के ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. शिवराज सिंह बिष्ट के नेतृत्व में 25 विद्यालयों 250 शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर ब्लॉक मंत्री रमेश राम, डॉ. संजीव अहलावत, डॉ. दिनेश पंत, डॉ. ललित मोहन पाठक, मनमोहन देव, बलवंत नेगी, चंद्रशेखर तिवारी आदि मौजूद रहे। इसके बाद शिक्षकों ने ताड़ीखेत बाजार में विरोध रैली निकाली। भिकियासैंण ब्लॉक में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर नारेबाजी करने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. कैलाश पांडेय, मनोज कुमार, प्रकाश भट्ट, बालादत्त शर्मा, मनोज मिश्रा, डॉ. हेमा रावत आदि रहीं।
चौखुटिया में प्रदर्शन करते हुए बलवंत सिंह नेगी ने कहा कि ब्लॉक क्षेत्र के अधिकतर विद्यालय प्रभारी प्रधानाचार्यों के हवाले हैं। इस दौरान जीवन सिंह नेगी, शिवानी बांठियाल, प्रमोद शाह, विजय पांडे, दीवान सिंह रावत आदि मौजूद रहे। द्वाराहाट में शिक्षकों ने नारेबाजी कर प्रतिनिधि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पीसी गैरोला के माध्यम से निदेशक और सीईओ को ज्ञापन भेजा। वहां पर अजय जोशी, प्रमोद कोठारी, डीडी मिश्रा, भोपाल सिंह चौहान, मनोज पांडे, देवेंद्र भट्ट, ललित थंड़ियल आदि मौजूद रहे। भैसियाछाना ब्लाॅक के धौलछीना में राजकीय शिक्षक संघ ने प्रदर्शन किया। इस मौके पर ब्लाॅक अध्यक्ष भारत भूषण जोशी, रवि शंकर गुंसाई, भूपाल सिंह बिष्ट, आशा कुमैया, डॉ. कैलाश डोलिया, हीरा सिंह बोरा आदि मौजूद रहे।
बागेश्वर में भी सीधी भर्ती के विरोध में धरना-प्रदर्शन
बागेश्वर/कपकोट/गरुड़। राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने बागेश्वर, गरुड़ और कपकोट के खंड शिक्षाधिकारी कार्यालयों के बाहर सरकार और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल दत्त पंत ने बताया कि प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती के विरोध, तत्काल पदोन्नति और हर साल स्थानांतरण करने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत खंड कार्यालयों में धरना दिया गया। जिला मंत्री देवेंद्र मेहता ने बताया कि जिले में संगठन से 643 शिक्षक जुड़े थे। 12 शिक्षकों को आंदोलन में शामिल नहीं होने पर पृथक कर दिया था। अन्य सभी 631 शिक्षक पूरी तरह से आंदोलन को समर्थन कर रहे हैं।
बागेश्वर में हुए धरना प्रदर्शन में मंडलीय संरक्षक विजय गोस्वामी, नूर अफजल, हरीश भट्ट, मुकेश नगरकोटी, कौस्तुब उपाध्याय, बृजेंद्र पांडेय, दीप जोशी, मोहन धामी, उमा लोहनी, किरन जोशी आदि मौजूद रहीं।
कपकोट में संरक्षक मंगल बिष्ट, अध्यक्ष देवेंद्र कोरंगा, गोपाल मेहता, मोहन चंद्र साह, भुवन जोशी आदि ने प्रदर्शन किया। गरुड़ के खंड कार्यालय में आयोजित धरने में ब्लॉक अध्यक्ष हरेंद्र रावल, ब्लॉक मंत्री राहुल खुल्बे, आलोक पांडेय गिरीश नेगी, मोहन जोशी, राजेंद्र रावत, शुभ्रा तिवारी, राजेश्वरी कार्की आदि मौजूद रहे।
अब एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन भी आज से करेगा चॉकडाउन
बागेश्वर। राजकीय शिक्षक संघ की हड़ताल के चलते शिक्षण कार्य में परेशानी का सामना कर रहे छात्र-छात्राओं की दिक्कतें फिर बढ़ने वाली हैं। मंगलवार से एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन भी चॉकडाउन करने जा रहा है। अब तक एसोसिएशन ने हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया था।
राजकीय शिक्षक संघ के 431 सदस्यों के आंदोलन पर रहने से माध्यमिक स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। अब एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन के 400 से अधिक शिक्षकों के भी आंदोलन पर जाने से शिक्षण कार्य पर विपरीत असर पड़ना तय है।
एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय टम्टा ने कहा कि विगत 30-35 सालों से शिक्षक एक ही पद पर कार्य करते हुए सेवानिवृत्त हो रहे हैं। बताया कि अब एसोसिएशन भी मंगलवार से चॉकडाउन हड़ताल करेगा।
माध्यमिक शिक्षक संघ और प्राथमिक शिक्षक संघ को समर्थन
बागेश्वर। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश अंडोला ने बताया कि राशिसं के आंदोलन को माध्यमिक शिक्षक संघ समर्थन दे रहा है। हालांकि संगठन ने अभी नैतिक तौर पर समर्थन दिया है।
अगर जरूरत पड़ी तो संघ के 140 से अधिक शिक्षक आंदोलन में शामिल होकर चॉकडाउन भी कर सकते हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री नवीन मिश्रा ने बताया कि उनके संगठन ने भी राशिसं के आंदोलन को समर्थन दिया है।
अगर आंदोलनकारी शिक्षकों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की गई तो प्राशिसं के 1400 से अधिक शिक्षक उनके साथ खड़े रहेंगे। राशिसं के जिलाध्यक्ष गोपाल दत्त पंत और जिला महामंत्री देवेंद्र मेहता ने आंदोलन को समर्थन देने के लिए तीनों शिक्षक संगठनों का आभार जताया है।
