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उत्तराखंड में शनिवार को लोक पर्व इगास की धूम से मनाया गया वहीं आपदा प्रभावितों के बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इगास मनाया, पीड़ितों के साथ जमीन पर बैठकर उनके हाथों से खाया खाना

देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार को लोक पर्व इगास की धूम है। प्रदेश में इगास पर्व को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रप्रयाग के तहसील वसुकेदार क्षेत्रान्तर्गत ग्राम भौंर पहुंचे, जहां उन्होंने हाल ही में आई आपदा से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका दुख-दर्द साझा किया।

लोक पर्व के उल्लास के बीच सोमवार को जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रप्रयाग के भौंर गांव में पहुंचे तो आपदा प्रभावितों को अपनापन महसूस हुआ।

सीएम धामी ने आपदा के दौरान जान-माल की क्षति उठाने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक कुलदीप सिंह नेगी एवं सते सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में पांच-पांच लाख रुपये के चेक प्रदान किए।

जब उन्होंने उनके परिजनों को चेक दिए तो महिलाओं की आंखों में आंसू आ गए। धामी ने उन्हें ढांढ़स बंधाया। सीएम धामी ने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं राहत कार्यों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी पीड़ित को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ग्राम भौंर में आपदा प्रभावितों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके अनुभवों और समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत सहायता प्रदान की जाए और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, आवास और संचार व्यवस्था से जुड़ी सभी क्षतिग्रस्त संरचनाओं का त्वरित पुनर्निर्माण किया जाए, ताकि लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री धामी इस दौरान प्रोटोकॉल को दरकिनार कर भोजन करने के लिए आपदा प्रभावित परिवारों के साथ जमीन पर ही बैठ गए। उन्होंने पीड़ितों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक आपदा-संवेदनशील राज्य है और इसी कारण सरकार ने आपदा प्रबंधन को सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता एवं संवेदनशीलता बरती जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने आपदा प्रभावित इस क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए स्थायी हेलीपैड निर्माण, ग्राम भौंर में आंगनबाड़ी केंद्र, गांव तक मोटर सड़क निर्माण करने के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि देने की घोषणा की।

वहीं, छेनागाड़ में आपदा के दौरान जिन लोगों ने अपने आवास खोए हैं, उनके विस्थापन करने की योजना बनाने के निर्देश भी दिए।

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