अल्मोड़ा में दो नाबालिग लड़कियों के अचानक गायब होने से शुरू हुई चिंता आखिरकार पुलिस की तेज़ कार्रवाई के बाद खत्म हो गई।
कुछ ही दिनों में दोनों किशोरियाँ सुरक्षित मिल गईं और मामले में पुलिस ने एक आरोपी को भी पकड़ लिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संवेदनशील मामलों में अल्मोड़ा पुलिस कितनी चौकस और तत्पर रहती है।
11 नवंबर 2025 को दोनों किशोरियाँ घर से रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थीं। परिवार ने तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। दो दिन बाद, 13 नवंबर को उनकी मां कोतवाली पहुंचीं और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देवेंद्र पींचा ने टीम को तुरंत बच्चों को ढूंढने और आरोपी तक पहुंचने के निर्देश दिए।
इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक हरबंस सिंह और सीओ गोपाल दत्त जोशी की निगरानी में प्रभारी निरीक्षक योगेश चंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने किसी भी देरी के बिना मोबाइल लोकेशन, तकनीकी जांच और लगातार सुरागरसी के जरिए लड़कियों तक पहुंचने की कोशिशें तेज कर दीं।
इन प्रयासों का नतीजा 14 नवंबर को सामने आ गया, जब दोनों किशोरियाँ नैनीताल में सुरक्षित मिल गईं। उन्हें तुरंत परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने एक विधि विवादित किशोर को भी संरक्षण में लेकर पूछताछ की और लड़कियों के बयान दर्ज होने के बाद पॉक्सो एक्ट की धाराएँ बढ़ा दीं।
इसी सिलसिले में 15 नवंबर को पुलिस ने मामले में मुख्य भूमिका निभाने वाले साहिल कुमार को अल्मोड़ा के बेस तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नैनीताल का रहने वाला बताया गया है।

