इस सर्दी में बर्फबारी बिल्कुल न होने से उत्तराखंड के मशहूर हिल स्टेशनों में टूरिज्म बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मसूरी से नैनीताल तक, जहां आमतौर पर सर्दियों में भारी भीड़ रहती है, वहां होटल खाली पड़े हैं और बुकिंग कैंसिल हो रही हैं।
टूरिज्म ऑपरेटरों के अनुसार, कई इलाकों में होटल इंडस्ट्री को 80 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है। स्कूलों की सर्दियों की छुट्टियां खत्म होने के बाद हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। चकराता: सबसे ज्यादा असर
बर्फबारी न होने से टूरिज्म बिजनेस में करीब 80% गिरावट
होटल, होमस्टे और रिसॉर्ट लगभग खाली
क्रिसमस-न्यू ईयर पर भी बिजनेस 50% से कम
होटल मालिक स्टाफ की सैलरी और बिजली बिल चुकाने में परेशान
📍 मसूरी: नए साल के बाद आई गिरावट
न्यू ईयर पर अच्छी भीड़, उसके बाद तेज गिरावट
कुल मिलाकर 20% तक नुकसान
होटल एसोसिएशन के अनुसार बर्फबारी से ही बिजनेस में सुधार संभव
📍 चमोली: बर्फ नहीं, ट्रेकिंग बनी विकल्प
औली में बर्फ न होने से टूरिस्ट निराश
हालांकि ट्रेकिंग और आउटडोर एक्टिविटीज को मिल रहा बढ़ावा
साफ मौसम और धूप से ट्रेकिंग लोकप्रिय
बर्फ-आधारित टूरिज्म को फिर भी नुकसान
📍 नैनीताल: करीब ₹25 करोड़ का नुकसान
अनुमानित ₹25 करोड़ का वित्तीय झटका
2024 में ₹100 करोड़ का रेवेन्यू, इस साल घटकर ₹75 करोड़
बर्फबारी न होने से बड़े पैमाने पर बुकिंग कैंसिल
होटल 30% तक की छूट और स्पेशल पैकेज दे रहे
📍 उत्तरकाशी: टूरिस्ट कम, होटल खाली
जनवरी में आमतौर पर अच्छी भीड़ रहती है
इस साल टूरिस्ट संख्या में गिरावट
टूरिज्म बढ़ाने के लिए 14–15 जनवरी को सेमिनार का आयोजन
📍 अल्मोड़ा: लगातार दूसरे साल निराशा
टूरिज्म में लगभग 30% गिरावट
कसार देवी, बिनसर, रानीखेत के ऊपरी इलाके प्रभावित
पिछले दो साल से बर्फबारी न होने से रिसॉर्ट और होमस्टे संकट में
📍 कौसानी: 40% तक गिरावट
टूरिस्ट आगमन में करीब 40% कमी
पिछले साल फुल कैपेसिटी पर था बिजनेस
कैंची धाम के पास ट्रैफिक जाम ने हालात और बिगाड़े
📍 पिथौरागढ़: हल्का सुधार, फिर भी नुकसान
टूरिज्म बिजनेस में 25% गिरावट
हाल के दिनों में थोड़ी बढ़ोतरी, लेकिन पिछले साल से कम
मुनस्यारी और दारमा घाटी में बर्फबारी अहम फैक्टर
बर्फबारी की कमी ने उत्तराखंड के विंटर टूरिज्म की रीढ़ तोड़ दी है। यदि आने वाले हफ्तों में मौसम ने करवट नहीं ली, तो टूरिज्म सेक्टर को और बड़ा आर्थिक झटका लग सकता है।



