ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

हल्द्वानी। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत बनाए गए स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की गहन जांच में प्रशासन को बड़ी संख्या में अनियमितताएं मिली हैं।

उप जिला अधिकारी (एसडीएम) राहुल शाह द्वारा कराई जा रही जांच में अब तक कुल 115 स्थाई निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं, जिन्हें निरस्त कर दिया गया है।

एसडीएम राहुल शाह ने बताया कि पिछले पांच वर्षों के भीतर जारी किए गए प्रमाण पत्रों की गंभीरता से जांच की जा रही है।

इसी क्रम में सोमवार को 25 और स्थाई निवास प्रमाण पत्रों को अवैध पाए जाने पर निरस्त किया गया, जिससे अब तक निरस्त किए गए प्रमाण पत्रों की संख्या 115 हो गई है।

जांच के दौरान लगभग 2000 प्रमाण पत्रों की स्कैनिंग और दस्तावेज़ों का मिलान किया गया, जिसमें कई मामलों में नियमों की अनदेखी, अपूर्ण दस्तावेज़ और गलत तथ्यों के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किए जाने के प्रमाण सामने आए हैं।

प्रशासन के अनुसार, कई मामलों में निवास से जुड़े आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए थे, जबकि कुछ प्रमाण पत्र गलत पते, अप्रमाणित दस्तावेज़ों अथवा नियमों के विपरीत तरीके से बनवाए गए थे। ऐसे सभी मामलों में संबंधित प्रमाण पत्रों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया है।

एसडीएम राहुल शाह ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की लापरवाही या फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थाई निवास प्रमाण पत्र का उपयोग शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में होता है, इसलिए इसकी शुद्धता और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रमाण पत्र बनवाते समय सही और पूर्ण दस्तावेज़ ही प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके। वहीं, इस सख्त कदम से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने वालों में हड़कंप मचा हुआ है और प्रशासन की इस पहल को आमजन द्वारा सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है।

फिलहाल तहसील प्रशासन की टीम द्वारा शेष प्रमाण पत्रों की जांच का सिलसिला जारी है और आने वाले दिनों में और भी प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी : माघ पूर्णिमा पर हेल्पिंग हैंड ग्रुप ने किया खिचड़ी प्रसाद वितरण
error: Content is protected !!