नैनीताल। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जनपद नैनीताल के तत्वावधान में आंदोलन के प्रथम चरण के अंतिम दिनों में कर्मचारियों ने पूरी ताकत झोंकते हुए कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर एवं एनसीसी कार्यालय में गेट मीटिंग कर सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन एवं नारेबाजी की। इस दौरान कर्मचारियों की 18 सूत्रीय मांगों को शीघ्र स्वीकृत करने की मांग की गई तथा सरकार द्वारा की जा रही कथित हीला-हवाली पर रोष व्यक्त किया गया।
परिषद के जिलाध्यक्ष असलम अली ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के सभी विकास खंडों एवं विकास भवन भीमताल में गेट मीटिंग के बाद आंदोलन के प्रथम चरण के अंतिम दिवसों में नैनीताल नगर में डीएसबी परिसर एवं एनसीसी कार्यालय में गेट मीटिंग आयोजित की गई।
मांगें पूरी तरह न्यायोचित : नंदा बल्लभ पालीवाल
डीएसबी परिसर में आयोजित गेट मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए परिसर अध्यक्ष नंदा बल्लभ पालीवाल ने कहा कि कर्मचारियों की 18 सूत्रीय मांगें पूर्णतः न्यायोचित हैं और सरकार को कर्मचारियों के हित में सकारात्मक रुख अपनाते हुए तत्काल इन मांगों को पूरा करना चाहिए।
सरकार की उदासीनता से बढ़ रहा आक्रोश : इसरार बेग
वहीं एनसीसी कार्यालय में आयोजित गेट मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इसरार बेग ने कहा कि कर्मचारी वर्ग बीते दो हफ्तों से आंदोलनरत है, लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
ये रहे उपस्थित कर्मचारी
डीएसबी परिसर की गेट मीटिंग में राजेंद्र सिंह ढैला, बिपिन चंद्र, प्रकाश पाठक, दिनेश चंद्र, मनीष कुमार, बृजेश जोशी, जगदीश तिवारी, राकेश बिनवाल, पूरन गुरुरानी, गजेंद्र प्रसाद, नासिर अली, दीपा गोस्वामी, चंद्र बल्लभ, गणेश राम, राहुल, मनीष पांडे सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
वहीं एनसीसी कार्यालय में आयोजित गेट मीटिंग में भगवत सिंह बिष्ट, जया कालाकोटी, गणेश नयाल, रमेश चंद्र तिवारी, गंगा पाठक, विवेक सिंह, मयंक डिमरी, राजेंद्र रावत, राकेश जोशी, राजू, शोभन कुमार, तोप बहादुर, कमलेश जोशी, दीप जोशी, जगदीश प्रसाद, हिमांशु सिंह, सुंदर सिंह एवं उमेश पुजारी सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।














