नैनीताल में बीते वर्ष नैनीताल में बारिस चार्टन लाज में हुए भूस्खलन से लगभग 1 दर्जन से अधिक परिवार खतरे की जद में आ गए थे।

जिसका आज कर विभाग में भू विज्ञानिको किया निरीक्षण

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला 

नैनीताल।  बीते वर्ष बारिस चार्टन लाज में हुए भूस्खलन से लगभग 1 दर्जन से अधिक परिवार खतरे की जद में आ गए थे।नैनीताल : भूस्खलन से प्रभावित चार्टन लाज का भू वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण

जिसके बाद जिला प्रशासन ने जियो बैग लगाकर अस्थायी उपचार किया गया। बीते माह हुई मूसलाधार बारिस से चार्टन लाज में दुबारा हुए भूस्खलन से एक बार फिर यहां घरों पर खतरा मंडराने लगा।

नैनीताल : भूस्खलन से प्रभावित चार्टन लाज का भू वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने पोलोवरम परियोजना प्राधिकरण, जल शक्ति मंत्रालय सरकार भारत के पूर्व प्रमुख (जियो) एनएचपीसी लिमिटेड विशेषज्ञ द्वारा सर्वे कराया जा रहा है।नैनीताल : भूस्खलन से प्रभावित चार्टन लाज का भू वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण

भूस्खलन क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुचे जियोटेक सलाहकार व पूर्व सदस्य विशेषज्ञ भास्कर दत्त पाटनी ने बताया कि नैनीताल की पहाड़ियां बेहद संवेदनशील हैं।नैनीताल : भूस्खलन से प्रभावित चार्टन लाज का भू वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण

जिनकी भारवाहक क्षमता भी कम है. ऐसे में शहर में बनने वाली बहुमंजिला इमारतें खतरे को बुलावा दे रही है।

    उन्होंने बताया कि भूस्खलन के कारण नैनीताल की नींव कमजोर हो गई है। जिसका स्थायी उपचार किया जाना अति आवश्यक है।

ताकि क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन के खतरे को कम किया जा सके।

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