ब्रेकिंग न्यूज़

31 अगस्त को होगी अखिल भारतीय लिखित परीक्षा, शाखा से राष्ट्रीय स्तर तक चार चरणों में होगा मौखिक प्रश्न मंच

हल्द्वानी। भारत विकास परिषद की ओर से भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से देशभर में ‘भारत को जानो’ सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष प्रतियोगिता का आयोजन 31 अगस्त 2026 को होगा। प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी प्रतिभाग करेंगे। हल्द्वानी शाखा के अंतर्गत 42 स्कूलों के 5600 से अधिक विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे।

प्रांतीय संरक्षक भगवान सहाय अग्रवाल ने बताया कि भारत विकास परिषद एक गैर-राजनीतिक समाजसेवी संगठन है, जो भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों की रक्षा और उनके पुनर्स्थापन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए परिषद की ओर से ‘भारत को जानो’ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।

प्रांतीय संयोजक संस्कार भवानी शंकर नीरज ने बताया कि ‘भारत को जानो’ महज एक सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति, महान महापुरुषों और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने का राष्ट्रीय अभियान है। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में देश के प्रति गौरव, भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान और अपने इतिहास को जानने की रुचि विकसित करने का प्रयास किया जाता है।

दो चरणों में होगी प्रतियोगिता

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता मुख्य रूप से दो चरणों में आयोजित होगी। पहले चरण में अखिल भारतीय लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके बाद चयनित प्रतिभागी दूसरे चरण में मौखिक प्रश्न मंच में हिस्सा लेंगे। मौखिक प्रश्न मंच की प्रतियोगिताएं क्रमशः शाखा स्तर, प्रांत स्तर, क्षेत्रीय स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाएंगी।

शाखा अध्यक्ष दीपक बख्शी ने बताया कि हल्द्वानी शाखा के अंतर्गत इस वर्ष विद्यार्थियों में प्रतियोगिता को लेकर खासा उत्साह है। शाखा से जुड़े 42 विद्यालयों के 5600 से अधिक छात्र-छात्राएं 31 अगस्त को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा में प्रतिभाग करेंगे।

भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें भारत की सभ्यता, संस्कृति, इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रीय व्यक्तित्वों और देश की विविधता से परिचित कराना भी है। परिषद का मानना है कि अपने देश के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी रखने वाली युवा पीढ़ी ही राष्ट्र निर्माण में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकती है।

हल्द्वानी शाखा द्वारा अधिक से अधिक विद्यालयों और विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। प्रतियोगिता को लेकर विद्यालय स्तर पर भी विद्यार्थियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी में सरकारी राशन के गोदामों पर छापा, चावल के 2 सैंपल फेल; DM के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई
error: Content is protected !!