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एन.एस.डी.की नाट्य कार्यशाला में प्रतिभागी सीख रहे हैं रंगमंच के गुर

अपर जिलाधिकारी नैनीताल शैलेन्द्र सिंह नेगी शामिल होकर ने बढ़ाया कलाकारों का उत्साह।

हल्द्वानी। आनंदा अकेडमी हल्द्वानी में शैलनट के सहयोग से राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली द्वारा आयोजित 30 दिवसीय अभिनय एवं नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाल में अपर जिलाधिकारी नैनीताल श्री शैलेन्द्र सिंह नेगी भी उभरते हुए कलाकारों का उत्साह बढ़ाने पहुंचे। इस कार्यशाला में प्रशिक्षु रंगकर्मी अभिनय, संगीत ,पटकथा लेखन, रूप सज्जा और निर्देशन आदि के गुर सीख रहे हैं।

प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए अपर जिलाधिकारी ने कहा कि रंगमंच हमारे व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करता है। उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनुभव सुनाते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व कै विकास में रंगमंच सबसे अधिक प्रभावशाली रहा। उन्होंने सभी प्रशिक्षार्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे रंगमंच कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से आने विशेषज्ञों की बातों को गंभीरता से सुनकर आत्मसात करें और कार्यशाला का भरपूर लाभ उठाएं।

इस कार्यशाला में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली से आये रंगकर्मी चंदन बिष्ट और रचना बिष्ट तथा शैलनट के संस्थापक और वरिष्ठ रंगकर्मी श्रीश डोभाल के सानिध्य में प्रशिक्षु रंगमंच के मूल तत्व व तकनीकी पहलू के गुण सीख रहे हैं। शैलनट के कला निर्देशक डॉ. डीएन भट्ट ने कहा कि रंगमंच की इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों में सर्वांगीण विकास, सांस्कृतिक समझ, संप्रेषण कौशल और आत्मविश्वास जैसे गुण विकसित होते हैं और शिक्षा के क्षेत्र में रचनात्मकता, अभिव्यक्ति और समग्र व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा मिलता है।

इस अवसर पर कार्यशाला निर्देशक चंदन बिष्ट ने कहा यह कार्यशाला प्रशिक्षुओं को कलात्मक रूप से समृद्ध तो करेगी साथ ही उन्हें ऐसे कौशल भी प्रदान करेगी जो उनके जीवन के सभी पहलुओं में सहायक होगी ।

इस कार्यशाला में अलग-अलग आयु वर्ग के 40 प्रतिभागी प्रशिक्षण ले रहे हैं। 

कार्यशाला में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों की प्रतिभा को रंगमंच, फिल्म व टेलिविजन जगत से जुड़ी कई हस्तियां और नामी कलाकार पहुँच कर तराश रहे हैं।

कार्यशाला में प्रतिदिन प्रशिक्षकों द्वारा सबसे पहले रंगमंच से जुड़े शारीरिक अभ्यास करवाए जा रहे हैं।

इसमें बॉडी मूवमेंट, वोकल एक्सरसाइज आदि शामिल हैं। इसके बाद पात्र को अपने अंदर कैसे उतारा जाता है, चेहरे में भावों की बारीकियां कैसे लाई जाती हैं आदि के बारे में बताया गया।

कार्यशाला में आनंदा अकेडमी के निदेशक भूपेंद्र बिष्ट, व्यवस्थापक दीक्षा बिष्ट, प्रधानाचर्या माया बिष्ट, रंगकर्मी राजीव कुमार शर्मा, गौरव जोशी, ललित कर्नाटक आदि लोग उपस्थित रहे।

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