रानीखेत। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत में यू कास्ट देहरादून द्वारा संचालित (ऑनलाइन )चार दिवसीय बौद्धिक संपदा अधिकार पर कार्यशाला के तीसरे दिन डॉ अभिमन्यु कुमार शोध संयोजक विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र राजकीयस्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत ने बौद्धिक संपदा अधिकार के अंतर्गत आने वाले पेटेंट्स के संदर्भ में व्याख्यान दिया गया।
जिसमें उन्होंने बताया कि। अनुसंधानकर्ता अपने विचारो और आविष्कारों, खोज पर पेमेंट करना क्यों आवश्यक है? और साथ ही साथ पेटेंट के इतिहास और उसके मिलने की प्रक्रिया और उसके लाभो को कैसे प्राप्त किया जा सकता है।
इसके बारे में एक विस्तृत व्याख्यान दिया। और कहा कि आज के समय में शोध छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक है कि वह अपने नए इन्वेंशन के लिए पेटेंट कराये। जिससे उनके इन्वेंशन का एकाधिकार रहे, और दूसरे उसकी नकल न कर सके।
इस कार्यशाला के संयोजक(IQAC/IPR) डॉ प्रसून जोशी द्वारा आज के मुख्य वक्ता डॉक्टर अभिमन्यु कुमार का परिचय कराया गया।
कार्यशाला के अंत में डॉ विजय बिष्ट (सह संयोजक IQAC /IPR) द्वारा आज के मुख्य वक्ता का धन्यवाद दिया।
आज की कार्यशाला में कुल 45 प्राध्यापक को एवं शोध छात्रों ने प्रतिभाग किया।





