कैलाश मानसरोवर यात्रा का दल पहुंचा भीमताल ढोल नगाड़ों के साथ किया स्वागत
रिपोर्टर – गुड्डू सिंह ठठोला
भीमताल। कैलाश मानसरोवर यात्रा का दल सकुशल लौट आया है। कोरोना के बाद पहला मौका है जब यात्रा पूरी हुई है। आज कैलाश यात्रियों का दल पिथौरागढ होते हुए कैंचीधाम भीमताल पहुंचा।
कैलाश मानसरोवर यात्रा का दल के.एम.वी.एन. रेस्ट हाउस में दर्शन कर वापस लौट गया है। यात्री दल का ढोल नगाड़े और मालाओं के साथ स्वागत किया गया।
नैनीताल जिले के भीमताल में मानसरोवर यात्रा का दल वापस लौटा है जिनका कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा फूल मालाओं और ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। यह दल तत्पश्चात लिपुलेख, गूंजी, धारचूला होते हुए भीमताल लौटा।
सभी यात्रियों के लिए उच्च-स्तरीय इंतजाम और बेहतरीन व्यवस्थाए की गई थी। यात्रियों ने बीआरओ द्वारा सड़क सुविधा की सराहना की। सभी यात्रियों ने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें दोबारा यात्रा में जाने का मौका मिलेगया, तो वे पुनः कैलाश मानसरोवर का दर्शन करने जाएंगे।
बता दें कि यह यात्रा 5 साल बाद शुरू हुई जिसमें यात्री जत्थे ने भारत की सीमा से लिपुलेख पास पार कर तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में प्रवेश किया। यात्री दल द्वारा चीन में सड़क मार्ग से प्रवेश होने पर चीनी अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा तीर्थयात्रियों का स्वागत किया गया।
वही तिब्बत में प्रवेश से पहले यात्रियों को मार्ग में आए दृश्य और धार्मिक स्थल ओम पर्वत (Om Parvat) समेत यात्रा के दौरान भारत के भीतर ही भ्रमण कराया गया।
तिब्बत में मुख्य रूप से तीर्थयात्रियों को माउंट कैलाश और मानसरोवर झील के दर्शन कराने की व्यवस्था की गई। 18 दिन की यात्रा में श्रद्धालुओ ने कैलाश मानसरोवर के दर्शन किए। वहीं श्रद्धालु भगवान शिव के रूप को देखें भाव विभोर हो गए।





