जम्मू कश्मीर के कठुआ में आतंकी हमले में उत्तराखंड से पांच बहादुर जवान शहीद हो गए हैं। ग्रेनेड हमले में शहीद रिखणीखाल ब्लॉक के डोबरिया गांव के राइफल मैन 25 वर्षीय अनुज नेगी का परिवार गांव में रहता है।
वे अपने पीछे एक अविवाहित छोटी बहन, पत्नी और माता-पिता को छोड़ गए हैं।
अनुज सितंबर 2018 में सेना में भर्ती हुए थे। उनके पिता भारत सिंह वन विभाग में दैनिक श्रमिक के पद पर काम करते हैं। जबकि मां सुमित्रा देवी गृहणी है। ग्राम प्रधान नंदन सिंह ने बताया कि बलिदानी अनुज की शादी बीते साल नवंबर माह में हुई थी।
शादी के बाद हर कोई बहुत ही ज्यादा खुश था। शादी के एक साल भी पूरे नहीं हुए थे और अनुज शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर जैसे की परिजनों तक पहुंची तो मानें उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो।अनुज नेगी मई माह के अंत में छुट्टी समाप्त करके ड्यूटी पर लौटे थे।
राइफलमैन अनुज नेगी बेहद मिलनसार स्वभाव के थे। उन्होंने हाईस्कूल तक की पढ़ाई गांव के स्कूल से ही किया था। जबकि चपड़ेत से 12वीं पास की थी। अनुज एक अच्छे खिलड़ी थे। 30 जून में उन्हें खेल के लिए यूनिट में वापस बुलाया गया था।
हमले में घायल सैन्यकर्मी भी उत्तराखंड के बताए जा रहे
कठुआ आतंकी हमले में घायल पांच जवानों में तीन पुलिस कर्मी और दो सैन्यकर्मी हैं। दोनों सैन्यकर्मी उत्तराखंड के बताए जा रहे हैं।
घायलों के नाम सागर सिंह और कार्तिक हैं। रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी देहरादून ले. कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार दोपहर में शहीदों को पठानकोट में सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।





