उत्तराखंड में गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर “गो सम्मान आह्वान अभियान” के तहत राज्यपाल को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र प्रेषित किया गया है।
यह अभियान प्रधान संरक्षक वेदलक्षणा गौमाता एवं अध्यक्ष नंदी बाबा (वृषभ) की प्रेरणा से संचालित बताया गया है।
प्रार्थना पत्र में महामहिम राज्यपाल से अपील की गई है कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक, धार्मिक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गोवंश की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए इसके संरक्षण हेतु कठोर कानून बनाए जाएं।
पत्र में कहा गया है कि उत्तराखंड की परंपराएं और आध्यात्मिक विरासत गोमाता के सानिध्य में ही विकसित हुई हैं, इसलिए इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
पत्र में वर्तमान स्थिति को चिंताजनक बताते हुए उल्लेख किया गया है कि देश में गोवंश की संख्या में लगातार गिरावट आई है। स्वतंत्रता के समय प्रति व्यक्ति लगभग 10 गोवंश उपलब्ध थे, जो अब घटकर प्रति 10 व्यक्तियों पर 1 गोवंश रह गए हैं।
साथ ही गो-तस्करी, अवैध वध, सड़कों पर दुर्घटनाएं और पॉलिथीन खाने जैसी समस्याओं के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में गोवंश की मृत्यु हो रही है।
अभियान से जुड़े लोगों ने राज्यपाल से मांग की है कि गोवंश की रक्षा के लिए कड़े कानून लागू किए जाएं, अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगे और गोसंरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी योजनाएं बनाई जाएं।

