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देहरादून। ईरान और इजरायल के बीच जारी हमलों के बीच मिडिल ईस्ट के कई देशों में ड्रोन और मिसाइल अटैक की घटनाओं ने भारत में रह रहे परिजनों की चिंता बढ़ा दी है।

खाड़ी देशों में काम कर रहे उत्तराखंड समेत देशभर के हजारों भारतीय नागरिकों के परिवार लगातार संपर्क में बने हुए हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

बताया जा रहा है कि बहरीन, यूएई, ओमान सहित कई स्थानों पर धमाकों की घटनाएं सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर भारतीय नागरिक खुद को सुरक्षित बताते हुए पोस्ट कर रहे हैं, लेकिन भारत में बैठे उनके परिजन हर नई खबर के साथ बेचैन हो उठते हैं।

ओमान के दुकुम में ड्रोन अटैक, उत्तराखंड का युवक सुरक्षित

ओमान के दुकुम शहर में रहने वाले देहरादून के मोकमपुर माजरी निवासी कैलाश बिष्ट ने बताया कि उनके निवास स्थान से करीब एक किलोमीटर दूरी पर दो ड्रोन हमले हुए। उन्होंने बताया कि ओमान ड्राईडॉक और उससे जुड़े परिसर में सुबह धमाके हुए थे, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और वहां रह रहे सभी भारतीय सुरक्षित हैं।

कैलाश बिष्ट के अनुसार दुकुम में 30-40 प्रतिशत आबादी भारतीयों की है। स्थानीय प्रशासन ने पोर्ट एडवाइजरी जारी कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है और आधिकारिक सूचना के आधार पर ही काम पर लौटने को कहा है।

हरिद्वार के परिवारों की चिंता

हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र के हल्का, पठानपुरा और जैनपुर मोहल्लों के कई युवक और छात्र अभी भी ईरान में मौजूद हैं। परिजनों का कहना है कि लगातार हमलों की खबरों से बेचैनी बढ़ रही है। हालांकि उन्हें भारत सरकार पर भरोसा है कि जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निकासी की व्यवस्था की जाएगी।

सरकार ने जारी की एडवाइजरी

दिल्ली में उत्तराखंड सरकार के स्थानीय आयुक्त अजय मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट में रह रहे भारतीय नागरिकों से संबंधित दूतावासों के संपर्क में रहने की सलाह दी है। एक ऑनलाइन लिंक भी जारी किया गया है, जिसमें वहां रह रहे भारतीय अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं ताकि आपात स्थिति में भारतीय दूतावास उनसे संपर्क कर सके।

सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को मिडिल ईस्ट देशों में रह रहे प्रदेशवासियों का डेटा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। लोकल इंटेलिजेंस और पुलिस को भी समन्वय करने को कहा गया है।

यूएई में भी एडवाइजरी

संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने भी एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से सैन्य ठिकानों या सुरक्षा गतिविधियों से जुड़ी कोई फोटो, वीडियो या सूचना साझा न करने की अपील की है। साथ ही फर्जी कॉल और अनधिकृत लिंक से सावधान रहने को कहा गया है।

दुबई में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडी गिरीश पंत ने बताया कि उनका परिवार फिलहाल सुरक्षित है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव के कारण चिंता बनी हुई है।

मिडिल ईस्ट में जारी घटनाक्रम के बीच उत्तराखंड सहित पूरे देश की निगाहें केंद्र सरकार की संभावित राहत एवं निकासी योजनाओं पर टिकी हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा सके।

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