हल्द्वानी में जमीन के नाम पर 10 करोड़ से अधिक की ठगी, ठेकेदार धनंजय गिरी पर 20 शिकायतें, एसआईटी करेगी संपत्ति कुर्क कर पीड़ितों को दिलाएगी पैसा
हल्द्वानी। जमीन खरीदने-बेचने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले ठेकेदार धनंजय गिरी के खिलाफ नवंबर 2024 से अब तक 20 पीड़ित एसआईटी के समक्ष शिकायत दर्ज करा चुके हैं।
जांच में सामने आया है कि धनंजय और उसके साथियों ने 10 करोड़ रुपये से अधिक की रकम लोगों से ठग ली। चौंकाने वाली बात यह है कि वर्ष 2018 से अब तक आरोपी ठेकेदार के खिलाफ नौ आपराधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं और पुलिस हर मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है, इसके बावजूद पीड़ितों को अब तक राहत नहीं मिल सकी।
लगातार थानों के चक्कर काट रहे पीड़ितों को अब आईजी कुमाऊं के निर्देशों के बाद न्याय की उम्मीद जगी है। धोखेबाजों की संपत्तियों को चिन्हित कर कोर्ट के माध्यम से उन्हें नीलाम कर पीड़ितों को उनकी डूबी रकम लौटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
ठेकेदार धनंजय गिरी पर धोखाधड़ी से लेकर चेक बाउंस तक के कई मुकदमे दर्ज हैं। नैनीताल रोड समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जमीन और प्रॉपर्टी के नाम पर उसने लोगों की जमा-पूंजी हड़प ली। आईजी कुमाऊं के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) नवंबर 2024 से पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटी हुई है। एसआईटी को अब तक 20 पीड़ितों से सीधे शिकायतें मिल चुकी हैं, जिनमें कुल ठगी की रकम 10 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
80 से अधिक संपत्तियों की खरीद-बिक्री का खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले तीन वर्षों में धनंजय गिरी और उसके साथियों के नाम पर 80 से अधिक संपत्तियों की खरीद-बिक्री हुई है। अब राजस्व विभाग के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि वर्तमान में कितनी संपत्तियां आरोपियों के नाम पर मौजूद हैं। तहसील अभिलेखों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय को भेजी जाएगी।
आईजी कार्यालय के अनुसार, भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत धोखाधड़ी से अर्जित संपत्ति को न्यायिक प्रक्रिया के तहत बेचकर पीड़ितों को उनके हिस्से के अनुसार रकम लौटाने का प्रावधान है। इसके लिए जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। एसआईटी इसी दिशा में कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।
जिला स्तरीय एसआईटी भंग, सीओ करेंगे प्रारंभिक जांच
भूमि व अन्य धोखाधड़ी मामलों की जांच के लिए गठित जिला स्तरीय एसआईटी में शामिल कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ पूर्व में शिकायतें मिलने के बाद आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने इन सभी एसआईटी को भंग करने के आदेश जारी किए हैं। अब इस तरह के मामलों में प्रारंभिक जांच संबंधित सर्किल ऑफिसर (सीओ) करेंगे। साथ ही कुमाऊं मंडल के सभी जिलों से धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।
नोटिस देकर निभाई जाती रही औपचारिकता
लगातार प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद आरोपी बेखौफ होकर ठगी करता रहा। आईजी कार्यालय का मानना है कि पूर्व में विवेचक केवल धारा 41(क) के तहत नोटिस देकर अपनी औपचारिकता पूरी कर लेते थे, जिससे आरोपियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी और पीड़ितों को राहत नहीं मिल पाई। अब एसआईटी पूरे नेटवर्क और संपत्ति की जांच कर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी को भी बनाया शिकार
ठेकेदार धनंजय गिरी के ठगी के जाल में आम लोगों और कारोबारियों के साथ-साथ एक वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी भी फंस चुके हैं। जुलाई 2025 में काठगोदाम थाने में इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
आरोप है कि दमुवाढूंगा में निर्माणाधीन हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट दिलाने के नाम पर अधिकारी से पांच लाख रुपये एडवांस लिए गए। बाद में सामने आया कि जिस फ्लैट के नाम पर एग्रीमेंट किया गया था, उस पर पहले से बैंक से लोन लिया जा चुका था।














